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80 साल से दुर्गा मां का स्वागत कर रहा मुखर्जी परिवार

मुंबई, हर साल की तरह इस साल भी अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी के परिवार ने दुर्गा पूजा के अवसर पर मां दुर्गा के भव्य पंडाल का आयोजन करवाया।

80 साल से दुर्गा मां का स्वागत कर रहा मुखर्जी परिवार
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मुंबई, हर साल की तरह इस साल भी अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी के परिवार ने दुर्गा पूजा के अवसर पर मां दुर्गा के भव्य पंडाल का आयोजन करवाया। इस पारंपरिक उत्सव में बॉलीवुड अभिनेत्रियां काजोल, रानी मुखर्जी, तनीषा मुखर्जी और उनकी मां तनुजा समेत पूरा परिवार मां दुर्गा के दरबार में शामिल हुआ।

इस अवसर पर तनुजा मुखर्जी और तनीषा मुखर्जी ने आईएएनएस के साथ बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि मां दुर्गा का स्वागत करते-करते उन्हें इस परंपरा को निभाते हुए 80 साल हो गए हैं।

अभिनेत्री तनुजा मुखर्जी ने कहा, "हम लोगों को माता रानी का स्वागत करते हुए 80 साल होने जा रहे हैं, तो हमारे लिए यह बहुत बड़ी बात है कि दुर्गा मां 80 साल से हमारे साथ हैं। इस बार माता रानी के पंडाल को और भी ज्यादा भव्य तरीके से सजाया गया है। इस अवसर पर मैं सभी को माता रानी के पंडाल में आकर उनका आशीर्वाद लेने के लिए आमंत्रित करना चाहती हूं।"

जब आईएएनएस ने अभिनेत्री से कहा कि उनके पंडाल की चर्चा बहुत सुनने के लिए मिलती है, तो अभिनेत्री ने इस बात पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, "यह जानकर बहुत खुशी हुई कि हमारे पंडाल की चर्चा देश भर में हैं और मुझे लगता है कि माता रानी का आगमन भव्य ही होना चाहिए, क्योंकि माता रानी जितने भव्य तरीके से आएंगी उतना ही अच्छा होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "मां अपने बच्चों के लिए सब कुछ करती हैं। चाहे वे हमारी दुर्गा मां हो या फिर किसी कि भी मां। सभी को उनका आदर करना चाहिए और कभी भी उनकी बात को टालना नहीं चाहिए।"

अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी ने भी दुर्गा मां का आगमन करने के बाद आईएएनएस के साथ बातचीत की। उन्होंने अपनी उत्सुकता जाहिर करते हुए कहा, "इस बार हमें दुर्गा मां को लाते हुए 80 साल हो रहे हैं और यह हम सभी के लिए बहुत खास है, क्योंकि भारत को आजादी भी लगभग 80 साल पहले मिली थी। मुझे लगता है कि हम दोनों एक साथ बढ़ रहे हैं, जैसे-जैसे भारत ने प्रगति की है, वैसे-वैसे हमारी दुर्गा पूजा भी बड़ी होती गई है। हमारी दुर्गा पूजा को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं, तो हम चाहते हैं कि इस साल भी बहुत से लोग आएं और हमारी पूजा में शामिल हों। मैं अपनी उत्सुकता को शब्दों में बयां भी नहीं कर सकती। पूजा के हमारे जो रीति-रिवाज हैं, इस बार अष्टमी के दो दिन हैं, जो हमारे लिए बहुत मजेदार है।"


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