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शिल्पा शेट्टी ने की वेकेशन की तस्वीरें शेयर

मुंबई, विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस के मौके पर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने सभी से प्रकृति की खूबसूरती को महसूस करने की अपील की। फिटनेस क्विन का कहना है कि सेहत और पर्यावरण एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।

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मुंबई, विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस के मौके पर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने सभी से प्रकृति की खूबसूरती को महसूस करने की अपील की। फिटनेस क्विन का कहना है कि सेहत और पर्यावरण एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।

शिल्पा शेट्टी ने इंस्टाग्राम पर विदेशी लोकेशन से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए। अभिनेत्री ने लिखा, "चारों तरफ देखो। इतनी सारी खूबसूरती है जिसे हम बस चलते-चलते नजरअंदाज कर देते हैं। बदलता आसमान, खिले हुए फूल, पानी की आवाज, पेड़ की छांव, एक खूबसूरत सनसेट जो आपको एक पल के लिए रोक देता है, ये छोटे-छोटे पल बिना कुछ मांगे हमें अच्छा महसूस करा देते हैं।"

उन्होंने आगे लिखा: "विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस पर एक छोटी सी याद दिलाना चाहती हूं कि रुकिए, अपने आसपास की दुनिया को देखिए और उसकी कद्र कीजिए। हमारी सेहत और खुशहाली पर्यावरण से जुड़ी हुई है और हमें दोनों की हिफाजत करनी चाहिए।"

विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस हर साल 26 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत वर्ष 2011 में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एनवायरनमेंटल हेल्थ द्वारा की गई थी। मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच के गहरे संबंध के बारे में दुनियाभर में जागरूकता फैलाना है।

यह दिन हमें याद दिलाता है कि स्वच्छ हवा, सुरक्षित पानी और प्रदूषणमुक्त माहौल के बिना स्वस्थ जीवन संभव नहीं है।

शिल्पा की बात करें तो, उन्हें आखिरी बार सोनल जोशी निर्देशित फिल्म 'सुखी' में देखा गया था। इसमें शिल्पा के साथ अमित साध, डेलनाज ईरानी, ​​कुशा कपिला और पवलीन गुजराल लीड रोल में हैं। फिल्म की कहानी 38 साल की एक पंजाबी गृहिणी सुखप्रीत कालरा उर्फ 'सुखी' (शिल्पा शेट्टी) के इर्द-गिर्द घूमती है। सुखी अपने पति, बेटी और बीमार ससुर की देखभाल में इतनी व्यस्त हो जाती है कि वह अपनी पहचान और ख्वाहिशों को भूल जाती है। अपनी जवानी के दिनों में वह एक बिंदास और बेबाक लड़की हुआ करती थी। अचानक उसे अपने स्कूल के रीयूनियन (मिलन) में दिल्ली जाने का मौका मिलता है। परिवार के विरोध के बावजूद वह 7 दिनों के लिए दिल्ली जाती है, जहां उसके जीवन का नजरिया बदल जाता है और वह एक जिम्मेदार पत्नी-मां से दोबारा खुद को एक स्वतंत्र महिला के रूप में पाती है।


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