Top
Begin typing your search above and press return to search.

शेखर कपूर : श्रीदेवी के साथ पुरानी तस्वीरे शेयर कर बोले- 'कैमरे के सामने आते ही छा जाती थी'

मुंबई, श्रीदेवी ने हिंदी सिनेमा कई तरह के किरदार निभाए। फिर चाहे 'सदमा' की मानसिक रूप से कमजोर लड़की वाला रोल हो या फिर 'इंग्लिश विंग्लिश' की आत्मविश्वासी गृहिणी वाली भूमिका की बात हो, उन्होंने अपने अभिनय से अपना एक अलग स्टारडम तैयार किया। आज भी लोग उन्हें दिल से याद करते है।

शेखर कपूर : श्रीदेवी के साथ पुरानी तस्वीरे शेयर कर बोले- कैमरे के सामने आते ही छा जाती थी
X

मुंबई, श्रीदेवी ने हिंदी सिनेमा कई तरह के किरदार निभाए। फिर चाहे 'सदमा' की मानसिक रूप से कमजोर लड़की वाला रोल हो या फिर 'इंग्लिश विंग्लिश' की आत्मविश्वासी गृहिणी वाली भूमिका की बात हो, उन्होंने अपने अभिनय से अपना एक अलग स्टारडम तैयार किया। आज भी लोग उन्हें दिल से याद करते है।

इस कड़ी में निर्देशक शेखर कपूर ने उन्हें याद करते हुए सोशल मीडिया पर श्रीदेवी की एक पुरानी तस्वीर शेयर की और 'मिस्टर इंडिया' के दिनों के बारे में बात करते हुए बताया कि कैमरे के सामने श्रीदेवी को देखना उनके लिए किसी जादुई अनुभव से कम नहीं था।

शेखर कपूर ने इंस्टाग्राम पर श्रीदेवी के साथ अपनी एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर की। उन्होंने इसे श्रीदेवी के साथ अपनी सबसे शुरुआती तस्वीर बताया। तस्वीर के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, ''श्रीदेवी का चेहरा कभी नहीं बदला। उनकी आंखों में वही चमक दिखाई दे रही है, जो बाद में 'मिस्टर इंडिया' में नजर आई थी। दुनिया श्रीदेवी को एक बड़ी स्टार के रूप में याद करती है, लेकिन मैं उन्हें एक अलग तरह से याद करता हूं। मेरे लिए श्रीदेवी सिर्फ स्टार नहीं, बल्कि 'डायरेक्टर की सबसे अच्छी दोस्त' थीं।''

शेखर कपूर ने 'मिस्टर इंडिया' के दौरान श्रीदेवी के साथ अपनी बॉन्डिंग को भी याद किया। उन्होंने कहा, ''श्रीदेवी के साथ शानदार साझेदारी के बिना 'मिस्टर इंडिया' जैसी फिल्म बन ही नहीं सकती थी। जब मैं श्रीदेवी के साथ फिल्म पर काम कर रहा था, तब मुझे हर दिन सेट पर जाने की उत्सुकता रहती थी, क्योंकि मुझे पता नहीं होता था कि उस दिन श्रीदेवी अपने अभिनय से क्या नया दिखाने वाली हैं। वह हर बार किसी न किसी तरह से चौंका देती थीं।''

निर्देशक ने श्रीदेवी के कैमरे के सामने और कैमरे से दूर रहने के अंदाज का फर्क भी बताया। उन्होंने कहा, ''जब कैमरा श्रीदेवी पर नहीं होता था तो वह बहुत शांत होकर अपनी कुर्सी पर बैठी रहती थीं। वह अपनी स्टारडम को लेकर किसी तरह का दिखावा नहीं करती थीं। वह सेट पर ही सामान्य तरीके से बैठी रहती थीं। लेकिन जैसे ही कैमरा उनकी तरफ घूमता था, सब कुछ बदल जाता था।''

शेखर कपूर ने लिखा, ''कैमरे के सामने आते ही ऐसा लगता था जैसे जादू हो गया हो। वह बिल्कुल अलग श्रीदेवी बन जाती थीं। उनकी एनर्जी सिर्फ कैमरे तक नहीं रहती थी, बल्कि सेट पर मौजूद हर व्यक्ति उसे महसूस करता था। डांस सीक्वेंस के दौरान मैं खुद भी श्रीदेवी की परफॉर्मेंस में खो जाता था। हालत यह होती थी कि हमें कैमरा बंद करने के लिए 'कट' बोलना तक याद नहीं रहता था। उनकी परफॉर्मेंस में एक ऐसी बिजली थी, जो पूरे सेट को अपने प्रभाव में ले लेती थी।''

बता दें कि श्रीदेवी ने 1987 में रिलीज हुई 'मिस्टर इंडिया' में पत्रकार सीमा सोनी का किरदार निभाया था, जबकि अनिल कपूर अरुण वर्मा के रोल में थे। फिल्म में सतीश कौशिक और अमरीश पुरी भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म 'हवा हवाई' और 'काटे नहीं कटते' में उनके डांस आज भी याद किए जाते हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it