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मशहूर पेंटर जोगेन चौधरी का निधन

कोलकाता,मशहूर पेंटर और महान कलाकार जोगेन चौधरी का रविवार को निधन हो गया।

मशहूर पेंटर जोगेन चौधरी का निधन
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कोलकाता, मशहूर पेंटर और महान कलाकार जोगेन चौधरी का रविवार को निधन हो गया। उनके निधन पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दुख व्यक्त किया है।

सीएम सुवेंदु अधिकारी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा गया, "मशहूर पेंटर और महान कलाकार जोगेन चौधरी के निधन से बहुत दुख हुआ। एक उस्ताद जिनके खास स्ट्रोक्स ने भारतीय मॉडर्न आर्ट को नई पहचान दी, जोगेन चौधरी हमारी सांस्कृतिक दुनिया के एक बड़े स्तंभ थे। उनके बहुत बड़े योगदान ने पश्चिम बंगाल को इंटरनेशनल लेवल पर पहचान दिलाई। उनके जाने से पश्चिम बंगाल की बौद्धिक और कलात्मक आत्मा में एक ऐसा खालीपन आ गया है जिसे भरा नहीं जा सकता।"

मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, "पश्चिम बंगाल सरकार और लोगों की ओर से, मैं अपना गहरा दुख जाहिर करता हूं और उनके दुखी परिवार, दोस्तों, साथियों और दुनिया भर में उनके लाखों फैंस के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं जाहिर करता हूं। ओम शांति।"

टीएमसी सांसद डेरेक ओब्रायन ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "दुनिया ने अभी-अभी अपने एक महान कलाकार को खो दिया है। जोगेन (दा) चौधरी, आप अच्छी यात्रा करें। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात थी कि आप छह साल तक एआईटीसी के सांसद और दो दशकों तक कोलकाता में मेरे पड़ोसी रहे।"

बता दें कि जोगेन चौधरी का जन्म वर्ष 1939 में बंगाल के फरीदपुर में हुआ था। विभाजन के बाद वे कलकत्ता (कोलकाता) आ गए थे। उन्होंने 1955 से 1960 तक कोलकाता के सरकारी कला एवं शिल्प महाविद्यालय में पढ़ाई की थी। जोगेन चौधरी ने अपने प्रारंभिक काल में आत्मविश्वास से भरी अभिव्यंजक चित्रात्मक शैली में काम किया था। वर्ष 1965 में वे पेरिस गए थे। फ्रांसीसी सरकार की छात्रवृत्ति पर अध्ययन के दौरान उन्होंने वहां अपनी एक विशिष्ट शैली विकसित की थी।

मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2001 में जोगेन चौधरी को कालिदास सम्मान से सम्मानित किया था। उन्हें यह सम्मान 'प्लास्टिक कला' के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और विशिष्ट योगदान के लिए दिया गया था। इसके अलावा क्यूबा में आयोजित द्वितीय हवाना द्विवार्षिक प्रदर्शनी में वर्ष 1986 में उनको सम्मानित किया गया था।

जोगेन चौधरी अपनी विशिष्ट 'अखंड रेखाओं' और स्याही व पेस्टल रंगों के अनूठे प्रयोग के लिए जाने जाते थे। इस अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में मिला यह पुरस्कार उनके करियर की प्रमुख वैश्विक उपलब्धियों में से एक माना जाता है।


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