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'हनुमान अंश' को लेकर सियासी घमासान

मुंबई, निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की फिल्म 'हनुमान अंश' जहां एक तरफ बॉक्स ऑफिस में अच्छा कलेक्शन कर रही हैं, तो दूसरी तरफ विवादों में भी घिरी हुई है।

हनुमान अंश को लेकर सियासी घमासान
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मुंबई, निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की फिल्म 'हनुमान अंश' जहां एक तरफ बॉक्स ऑफिस में अच्छा कलेक्शन कर रही हैं, तो दूसरी तरफ विवादों में भी घिरी हुई है। कई लोग इसे टैक्स फ्री करने की मांग कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने इस फिल्म को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी के द्वारा दिए गए बयान और फिल्म को टैक्स फ्री करने पर कई राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिली।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने फिल्म को टैक्स फ्री करने पर कहा, "यह फैसला सीएम योगी का होगा और भारतीय जनता पार्टी को तय करना होगा कि यह फिल्म टैक्स फ्री होगी या नहीं।"

फिल्म 'हनुमान अंश' को लेकर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "यह राशिद अल्वी का पूरी तरह से पर्सनल बयान है। मुझे इस बयान पर कमेंट करने की जरूरत नहीं है।"

भाजपा नेता संगीत सोम ने फिल्म को टैक्स फ्री करने पर कहा, "मेरा मानना है कि ऐसी फिल्मों को टैक्स फ्री किया जाना चाहिए और मैं मुख्यमंत्री जी से प्रार्थना करूंगा कि इस फिल्म को टैक्स फ्री करें।"

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कांग्रेस नेता राशिद अल्वी के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे हर चीज को वोट-बैंक के नजरिए से दखते हैं। उन्होंने कहा, "वे हर चीज को वोट-बैंक की राजनीति के नजरिए से देखते हैं और लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटते हैं, जो कि बिल्कुल भी ठीक नहीं है। जब कोई फिल्म राम, हनुमान और संतों की सेवा दिखाती है, तो उन्हें उसमें राजनीति दिखती है। जनता यह सब समझती है। ऐसी फिल्में सनातन संस्कृति और आस्था को मजबूत करती हैं। सनातन आस्था मजबूत होती है और राशिद अल्वी को इसमें वोट देख रही है, लेकिन जनता को सब पता है। जहां हमारे संत की सेवा हो उसे ये राजनीति भावना से देख रहे है। इसलिए कहीं से भी ये उचित नहीं है।"

झारखंड भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा, "देखिए, 'हनुमान अंश' बहुत अच्छी फिल्म है, जिसमें बाबा नीम करोली की पूरी जिंदगी को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। उनके चमत्कारों को भी बिना किसी नाटक के, बिल्कुल साधारण तरीके से दिखाया गया है। कहा जाता है कि वह एक तरह से भगवान हनुमान का ही एक रूप थे। इसलिए, अगर सरकारें इसे टैक्स-फ्री कर दें तो यह बहुत अच्छी पहल होगी। अगर सभी राज्य सरकारें इसे टैक्स-फ्री कर दें, तो ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख पाएंगे और बाबा नीम करौली के जीवन के बारे में जान पाएंगे, किस तरह से उन्होंने निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा की थी और हनुमान जी का आशीर्वाद उनको प्राप्त था। उनकी इस पहल का हम स्वागत करते हैं और सभी राज्य सरकारों को इसे टैक्स फ्री कर देना चाहिए।"

हनुमान अंश को टैक्स फ्री करने के सवाल पर जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा, "पहले ये बताना चाहिए कि यह फिल्म ओड़िशा, छत्तीगढ़, गुजरात में टैक्स फ्री हुई है? हनुमान अंश बहुत बेहतरीन फिल्म है और लोगों का रिस्पॉन्स भी अच्छा है। लोग देखने जा रहे हैं तो इस पर राजनीति क्यों कर रहे हैं?"


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