Top
Begin typing your search above and press return to search.

काजोल : मै श्रीदेवी की स्टूडेंट बनना चाहती थीं

मुंबई, हिंदी सिनेमा में कुछ अभिनेत्रियां ऐसी रही हैं, जिनका असर आगे आने वाली पीढ़ी के कलाकारों पर भी दिखाई देता है। श्रीदेवी भी ऐसी ही कलाकार थीं। बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियां उन्हें अपनी प्रेरणा मानती रही हैं। इनमें अभिनेत्री काजोल का नाम भी शामिल है। काजोल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह श्रीदेवी के अभिनय से इतनी प्रभावित थीं कि चाहती थीं कि दिग्गज अभिनेत्री अपना एक अभिनय स्कूल खोलें और वह उनकी पहली छात्रा बनें।

काजोल : मै श्रीदेवी की स्टूडेंट बनना चाहती थीं
X

मुंबई, हिंदी सिनेमा में कुछ अभिनेत्रियां ऐसी रही हैं, जिनका असर आगे आने वाली पीढ़ी के कलाकारों पर भी दिखाई देता है। श्रीदेवी भी ऐसी ही कलाकार थीं। बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियां उन्हें अपनी प्रेरणा मानती रही हैं। इनमें अभिनेत्री काजोल का नाम भी शामिल है। काजोल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह श्रीदेवी के अभिनय से इतनी प्रभावित थीं कि चाहती थीं कि दिग्गज अभिनेत्री अपना एक अभिनय स्कूल खोलें और वह उनकी पहली छात्रा बनें।

काजोल ने यह दिलचस्प बात अभिनेता अनुपम खेर के लोकप्रिय टॉक शो 'द अनुपम खेर शो' में कही। बातचीत के दौरान अनुपम खेर ने उनसे पूछा कि फिल्मों में आने से पहले उनकी पसंदीदा अभिनेत्रियां कौन थीं। इस सवाल के जवाब में काजोल ने बताया कि जब वह बहुत छोटी थीं, तब उनकी कोई एक पसंदीदा अभिनेत्री नहीं थी। लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ी हुईं, श्रीदेवी का अभिनय उन्हें बेहद पसंद आने लगा।

काजोल ने कहा, "श्रीदेवी शानदार अभिनेत्री थीं। मैं उनसे हमेशा कहती थी कि उन्हें एक अभिनय स्कूल खोल लेना चाहिए। अगर ऐसा होता तो मैं खुद उस स्कूल की पहली छात्रा बनना चाहती थी और बहुत कुछ सीखना चाहती थी।''

काजोल ने श्रीदेवी की सबसे बड़ी खूबी उनके अभिनय में बदलाव को बताया। उन्होंने कहा, ''श्रीदेवी जिस किरदार को निभाती थीं, उसमें पूरी तरह उतर जाती थीं। दर्शक उन्हें देखकर यह भूल जाते थे कि सामने एक अभिनेत्री है और उन्हें सिर्फ वही किरदार नजर आता था, जिसे वह निभा रही होती थीं। यही बात श्रीदेवी को दूसरी अभिनेत्रियों से अलग बनाती थी।''

काजोल ने 'चांदनी', 'चालबाज', 'सदमा' और 'लम्हे' जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन फिल्मों में श्रीदेवी के किरदार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थे, लेकिन हर भूमिका में वह पूरी तरह विश्वसनीय लगीं।

काजोल ने आगे कहा, ''श्रीदेवी के किरदारों में कहीं न कहीं उनकी अपनी शख्सियत की हल्की झलक जरूर मिलती थी, लेकिन वह कभी किरदार पर हावी नहीं होती थी। यही एक सच्चे अभिनेता की पहचान थी। फिल्म 'खुदा गवाह' में श्रीदेवी का अभिनय शानदार था। उनकी आंखों में कभी उम्र दिखाई नहीं देती थी। उनके अंदर हमेशा जिंदगी को लेकर उत्साह नजर आता था। हमेशा कुछ नया करने की इच्छा दिखाई देती थी। ऐसा लगता था कि उन्होंने कितना भी काम कर लिया हो, लेकिन अभी भी उनके अंदर बहुत कुछ करने की चाह बाकी है।''

श्रीदेवी का 24 फरवरी 2018 को 54 साल की उम्र में निधन हो गया था। दुबई में एक पारिवारिक समारोह के दौरान होटल के बाथटब में दुर्घटनावश डूबने से उनकी मौत हुई थी। उनके अचानक चले जाने से पूरा फिल्म जगत स्तब्ध रह गया।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it