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जया किशोरी बोली: 'भारतीय टीम हमेशा मेरे लिए विनर, जीत और हार तो खेल का हिस्सा है'

मुंबई, भारतीय महिला क्रिकेट टीम के महिला टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया से हारकर बाहर होने को लेकर कथावाचक और आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी ने कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा है, लेकिन भारतीय टीम हमेशा उनके लिए विजेता है।

जया किशोरी बोली: भारतीय टीम हमेशा मेरे लिए विनर, जीत और हार तो खेल का हिस्सा है
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मुंबई, भारतीय महिला क्रिकेट टीम के महिला टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया से हारकर बाहर होने को लेकर कथावाचक और आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी ने कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा है, लेकिन भारतीय टीम हमेशा उनके लिए विजेता है।

जया किशोरी ने आईएएनएस से कहा, "भारतीय क्रिकेट टीम चाहे जीतें, चाहे हारें, हम तो अपनी टीम के साथ हैं। टीम चाहे पुरुष की हो या महिला की, भारत की टीम है और भारत की टीम के साथ मैं हमेशा हूं।"

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ऐसे लोगों के साथ मैच देखना पसंद नहीं है जो हारते ही निराशा या गुस्से में आ जाते हैं। उनके अनुसार खेल का असली आनंद इसी में है कि खिलाड़ी पूरी मेहनत से खेलते हैं, लेकिन कभी सफलता मिलती है और कभी नहीं। उन्होंने कहा कि सामने वाली टीम भी पूरी मेहनत करती है, इसलिए हर मैच के परिणाम को संतुलित दृष्टि से देखना चाहिए।

जया किशोरी ने अपने पिता की सीख का जिक्र करते हुए कहा कि जीवन में हर व्यक्ति को सब कुछ नहीं मिल सकता। हर किसी के लिए कुछ न कुछ तय किया है, इसलिए दूसरों की खुशी में खुश रहना और अपनी टीम के प्रयासों की सराहना करना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का मनोबल समाज के रवैये पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि शेरनी तो शेरनी रहती है, कभी शांत तो कभी दहाड़ती हैं, लेकिन इससे उनकी पहचान नहीं बदलती। उन्होंने यह भी कहा कि अगर देश उनके साथ खड़ा रहे तो खिलाड़ी जल्दी ही अपने आत्मविश्वास को वापस पा लेते हैं।

उनका मानना है कि खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने या गिराने में लोगों की भूमिका बहुत अहम होती है। उन्होंने कहा कि यदि समाज सकारात्मक समर्थन दे तो किसी भी हार का असर लंबे समय तक नहीं रहता।

इस बीच उन्होंने अपने हाल ही में मुंबई में हुए पहले डिवाइन कॉन्सर्ट पर बात करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम में सबसे अधिक 18 से 45 वर्ष के लोग शामिल हुए। उनके अनुसार यह वही आयु वर्ग है जहां बदलाव की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, क्योंकि यही लोग समाज की दिशा तय करते हैं। उन्होंने कहा कि इस आयु वर्ग का बड़ी संख्या में कार्यक्रम में आना उनके लिए संतोषजनक अनुभव था।

उन्होंने कहा कि यह कॉन्सर्ट भारत के कई शहरों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें दिल्ली, जयपुर, हैदराबाद, लखनऊ और कोलकाता जैसे शहर शामिल हैं। इसके बाद भविष्य में इसे विदेशों में भी ले जाने की योजना है।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं को आध्यात्मिकता से जोड़ना है और उसी के लिए हम यह कॉन्सर्ट कर रहे हैं। आनंद के लिए किसी पदार्थ की जरूरत नहीं होनी चाहिए, चाहे कोई भी कारण हो।

जया किशोरी ने यह भी कहा कि भक्ति का असली अर्थ बाहरी दिखावे में नहीं बल्कि आंतरिक जुड़ाव में है। सच्ची भक्ति वही है जिसमें व्यक्ति के भीतर ईश्वर के प्रति विश्वास और नैतिकता का भाव उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति के अंदर ईश्वर का भय और श्रद्धा बैठ जाए तो वह गलत कार्य करने से पहले स्वयं को रोकता है।

उन्होंने कहा कि वे कॉलेजों में मोटिवेशनल सत्र भी करती हैं, जहां युवाओं की समस्याओं को समझकर उनका समाधान देने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं को बहुत ज्ञानी नहीं मानतीं, बल्कि जो भी पढ़ती हैं उसे साझा करती हैं।

जया किशोरी ने यह भी बताया कि वे कथा, कॉन्सर्ट, लेखन और मोटिवेशनल स्पीकर- सभी रूपों में समाज तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों को सकारात्मक संदेश दिया जा सके।

वहीं, उन्होंने राम मंदिर चंदा विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि इस मामले में जांच चल रही है, इसलिए अंतिम निर्णय आने के बाद ही कुछ कहना उचित होगा। उन्होंने कहा कि मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है, इसलिए सावधानी और धैर्य जरूरी है।


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