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जन्माष्टमी का त्योहार इन फिल्मों के बिना अधूरा

मुंबई, जन्माष्टमी का त्योहार आते ही पूरा माहौल कृष्णमय हो जाता है। मंदिरों में पूजा होती है, घरों में झांकियां सजती हैं और रात में भगवान कृष्ण के जन्म का इंतजार किया जाता है। अगर आप इस खास दिन पर भगवान कृष्ण की कहानियों और उनकी लीलाओं को स्क्रीन पर देखना चाहते हैं, तो आपके लिए कई ऐसी फिल्में मौजूद हैं।

जन्माष्टमी का त्योहार इन फिल्मों के बिना अधूरा
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मुंबई, जन्माष्टमी का त्योहार आते ही पूरा माहौल कृष्णमय हो जाता है। मंदिरों में पूजा होती है, घरों में झांकियां सजती हैं और रात में भगवान कृष्ण के जन्म का इंतजार किया जाता है। अगर आप इस खास दिन पर भगवान कृष्ण की कहानियों और उनकी लीलाओं को स्क्रीन पर देखना चाहते हैं, तो आपके लिए कई ऐसी फिल्में मौजूद हैं।

करीब एक सदी पहले दादा साहेब फाल्के ने भगवान कृष्ण के जन्म पर फिल्म बनाई थी और इसके बाद कृष्ण के जीवन के अलग-अलग हिस्सों को लेकर कई फिल्में बनीं। इनमें कुछ फिल्में उनके जन्म की कहानी दिखाती हैं, तो कुछ में बाल कृष्ण की शरारतें, सुदामा से दोस्ती और कंस के वध तक की कहानी देखने को मिलती है। जन्माष्टमी पर आप इन फिल्मों के जरिए कृष्ण की अलग-अलग लीलाओं को पर्दे पर देख सकते हैं।

'श्री कृष्ण जन्म'- साल 1918 में रिलीज हुई यह साइलेंट फिल्म दादा साहेब फाल्के ने बनाई थी। वह इसके निर्देशक और लेखक थे। फिल्म में कृष्ण के जन्म की कहानी दिखाई गई थी। इसमें दादा साहेब फाल्के की बेटी मंदाकिनी फाल्के ने कृष्ण का किरदार निभाया था, जबकि डी.डी. दाबके और पुरुषोत्तम वैद्य भी कलाकारों में शामिल थे। फिल्म करीब 12 मिनट की थी और इसमें संवाद की जगह उस दौर के साइलेंट सिनेमा के तरीके से कहानी दिखाई गई थी।

'कृष्णा द बर्थ'- साल 2006 में आई यह एनिमेशन फिल्म राजीव चिलाका ने डायरेक्ट की थी। कहानी देवकी और वासुदेव के पुत्र कृष्ण के जन्म से शुरू होती है। कंस को भविष्यवाणी होती है कि देवकी का आठवां बेटा उसकी मौत का कारण बनेगा। इसके बाद वह देवकी और वासुदेव को कैद कर देता है। कृष्ण के जन्म के बाद वासुदेव उन्हें गोकुल पहुंचाते हैं, जहां उनका पालन-पोषण होता है। आगे कृष्ण कई राक्षसों का सामना करते हैं। फिल्म में कृष्ण के जन्म और उनके बचपन की कई अहम घटनाओं को बच्चों और परिवार के लिए आसान एनिमेशन के जरिए दिखाया गया है। फिल्म में अमरकांत दुबे, अभय कुमार, जॉयदीप मुखर्जी, रमेश राय और दिलीप सिन्हा का वॉयसओवर है।

'कृष्ण इन वृंदावन'- जन्माष्टमी पर बच्चों के साथ फिल्म देखने का मन है तो 'कृष्ण इन वृंदावन' अच्छा ऑप्शन है। साल 2007 की इस एनिमेशन फिल्म का निर्देशन भी राजीव चिलाका ने किया था। फिल्म में कृष्ण और उनके दोस्तों की वृंदावन की जिंदगी दिखाई गई है। कहानी में कृष्ण और बलराम कई खतरनाक राक्षसों का सामना करते हैं और उन्हें हराते हैं। फिल्म में बाल कृष्ण की शरारतों के साथ उनके साहस को दिखाया गया है। इसमें कृष्ण के बचपन और वृंदावन से जुड़े किस्सों को रोमांचक तरीके से पेश किया गया है। फिल्म में अमरकांत दुबे, अभय कुमार, आशीष दवे और बेबी अनुष्का दुबे जैसे कलाकारों ने आवाज दी।

'श्री कृष्ण लीला'- साल 1971 में आई इस फिल्म का निर्देशन होमी वाडिया ने किया था। फिल्म में कृष्ण के जन्म से लेकर मथुरा पहुंचने और कंस का सामना करने तक की कहानी दिखाई गई है। कहानी में कंस को यह डर रहता है कि देवकी का आठवां बच्चा उसकी मौत का कारण बनेगा। इसी वजह से देवकी और वासुदेव को कैद किया जाता है। कृष्ण का जन्म होने के बाद उन्हें गोकुल ले जाया जाता है, जहां वह बड़े होते हैं। आगे चलकर कृष्ण अपने मामा कंस का सामना करते हैं। फिल्म में सचिन, हीना, जयश्री गाडकर, सप्प्रू, मनहर देसाई और तबस्सुम जैसे कलाकार नजर आए थे।

'कृष्णा कंस वध'- साल 2007 में आई एनिमेशन फिल्म 'कृष्णा कंस वध' राजीव चिलाका ने डायरेक्ट की थी। फिल्म में कृष्ण और बलराम को कंस की ओर से मथुरा बुलाया जाता है। वहां पहुंचने के बाद दोनों भाइयों का सामना राज्य के ताकतवर पहलवानों से होता है और कहानी आगे कंस के साथ उनके अंतिम मुकाबले की ओर बढ़ती है। फिल्म की अवधि करीब 69 मिनट है। इसमें आशीष दवे, अमरकांत दुबे, बेबी अनुष्का दुबे, अभय कुमार और अरुण शेखर की आवाजें शामिल हैं।


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