'सीआईडी' और 'आहट' के निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह का निधन
मुंबई, 'सीआईडी' और 'आहट' जैसे लोकप्रिय शोज के जरिए दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनाने वाले निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह का निधन हो गया है।

मुंबई, 'सीआईडी' और 'आहट' जैसे लोकप्रिय शोज के जरिए दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनाने वाले निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह का निधन हो गया है। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की जानकारी साझा करते हुए दुख जताया। उन्होंने बताया कि बी.पी. सिंह का निधन मंगलवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से हुआ। उन्होंने कहा कि उनका काम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर बी.पी. सिंह की तस्वीर साझा करते हुए कैप्शन में लिखा, ''आज सुबह तड़के दिल का दौरा पड़ने से दिग्गज निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह जी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। वह एक शानदार फिल्मकार थे, जिन्होंने अपने क्राइम शो 'सीआईडी' और हॉरर शो 'आहट' के जरिए पूरे देश के दर्शकों को बांधे रखा। उनका काम आज भी प्रेरणा देता है और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।''
उन्होंने आगे लिखा, ''मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि जब वह भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन निर्देशक संघ के अध्यक्ष थे, तब मैं उनके बेहद करीबी सहयोगियों में से एक था। वह एक बेहतरीन इंसान और मेरे प्रिय मित्र थे। मनोरंजन जगत में उनके योगदान के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार और करीबियों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। उनका अंतिम संस्कार 28 अक्टूबर को किया जाएगा। इसकी विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी।''
बता दें कि बी.पी. सिंह का पूरा नाम बृजेंद्रपाल सिंह था। उनका जन्म उत्तराखंड के देहरादून में हुआ था। उन्होंने साल 1973 में दूरदर्शन के साथ समाचार कैमरामैन के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। करीब दस साल तक कैमरे के पीछे काम करने के बाद वह मुंबई आ गए और धीरे-धीरे निर्देशन-निर्माण की दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
उनके करियर का एक अहम पड़ाव दूरदर्शन के लिए बनाई गई टेलीफिल्म 'सिर्फ चार दिन' थी। इस फिल्म की तैयारी के दौरान वह पुलिस की अपराध शाखा में जाने लगे। इसी दौरान उनकी मुलाकात निरीक्षक जयंत वागले से हुई। पुलिस की जांच-पड़ताल और अपराधों को सुलझाने की प्रक्रिया में उनकी दिलचस्पी बढ़ी और आगे चलकर उन्होंने 'सीआईडी' बनाया।
साल 1998 में शुरू हुए 'सीआईडी' ने बी.पी. सिंह को भारतीय टेलीविजन के सबसे पहचाने जाने वाले निर्माताओं में शामिल कर दिया। बी.पी. सिंह ने 'सीआईडी' से पहले साल 1995 में प्रसारित हुए डर और रहस्य पर आधारित धारावाहिक 'आहट' के निर्माण और निर्देशन में भी अहम भूमिका निभाई। यह डरावनी कहानियों के चलते लंबे समय तक लोकप्रिय रहा।
उन्होंने दूरदर्शन के धारावाहिक 'एक शून्य शून्य' का निर्माण भी किया। इसके अलावा, वह 'सीआईडी: स्पेशल ब्यूरो', 'अचानक 37 साल बाद', 'रात होने को है', 'जिंदगी बदल सकता है हादसा', 'गुटुर गू', 'सूर्य द सुपर कॉप', 'हम ने ली है शपथ', 'सुपरकॉप्स वर्सेज सुपर विलेन' और 'दिव्य दृष्टि' जैसे शोज से भी जुड़े रहे।


