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मेलोड्रामा के दौर में सूक्ष्म अभिनय के प्रतीक बने अरविंद जोशी

नई दिल्ली, अरविंद जोशी का जन्म 5 अगस्त 1929 को एक सुसंस्कृत गुजराती ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

मेलोड्रामा के दौर में सूक्ष्म अभिनय के प्रतीक बने अरविंद जोशी
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नई दिल्ली, अरविंद जोशी का जन्म 5 अगस्त 1929 को एक सुसंस्कृत गुजराती ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके बड़े भाई प्रख्यात रंगमंच कलाकार और निर्देशक प्रवीण जोशी थे, जिनसे उन्हें कला की दुनिया में एक मजबूत आधार मिला।

अरविंद जोशी ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की और लगभग एक दशक तक 'इंडियन नेशनल थिएटर' (आईएनटी) के साथ जुड़े रहे। आईएनटी के साथ उनका अनुभव उनके लिए एक प्रयोगशाला के समान था, जहां उन्होंने पारंपरिक नाटकों को आधुनिक सामाजिक यथार्थवाद के साथ जोड़ना सीखा। बाद में उन्होंने 'प्रस्थान' नाम की अपनी खुद की नाट्य संस्था की स्थापना की, जिसका उद्देश्य गुजराती रंगमंच को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर उसे सामाजिक चिंतन का माध्यम बनाना था।

थिएटर के साथ-साथ सिनेमा की चकाचौंध में भी अरविंद जोशी का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। 1970 और 1980 के दशक में, जब भारतीय सिनेमा मेलोड्रामा के चरम पर था, अरविंद जोशी ने 'अंडरएक्टिंग' और सूक्ष्म भावों की शैली को अपनाया।

बता दें कि मेलोड्रामा अतिरंजित नाटक है, जिसमें अत्यधिक भावनाएं, बढ़ा-चढ़ाकर की गई हरकतें और सनसनीखेज घटनाएं होती हैं। 1975 की ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर फिल्म 'शोले' में ठाकुर बलदेव सिंह (संजीव कुमार) के बड़े बेटे की भूमिका अरविंद जोशी ने ही निभाई थी। स्क्रीन पर उनका समय भले ही कम था लेकिन उनके सटीक भावों ने दृश्य की गंभीरता को स्थापित किया। इसके अलावा, उन्होंने हिंदी और गुजराती सिनेमा में अपनी कलात्मक विविधता का निरंतर प्रदर्शन किया।

अरविंद जोशी ने 1961 में फिल्म 'चुंदड़ी चोखा' से डेब्यू किया जो ग्रामीण गुजराती जीवन पर आधारित थी। 1969 में 'कंकु' में उन्होंने ग्रामीण समाज में एक विधवा के संघर्ष को दिखाया और यह फिल्म काफी प्रशंसित हुई। उसी साल हिंदी फिल्म 'इत्तेफाक' में उनकी महत्वपूर्ण सहायक भूमिका थी। 1975 की मशहूर फिल्म 'शोले' में वह ठाकुर के बड़े बेटे के रूप में नजर आए। 1983 में 'ढोला-मारू' राजस्थानी लोककथा पर आधारित रोमांटिक महाकाव्य थी।

वर्ष 1957 में उनकी शादी उषा जोशी से हुई थी। प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता शरमन जोशी उनके बेटे हैं और जानी-मानी टेलीविजन अभिनेत्री मानसी जोशी रॉय उनकी बेटी हैं।

उम्र संबंधी जटिलताओं और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं, विशेषकर सीने में गंभीर संक्रमण के कारण 29 जनवरी 2021 को मुंबई के विले पार्ले स्थित नानावटी अस्पताल में उनका निधन हो गया।


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