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अर्जुन बिजलानी' की अपील: कैंसर मरीजों के लिए आगे आना होगा

मुंबई, टीवी अभिनेता अर्जुन बिजलानी ने छत्तीसगढ़ में कैंसर मरीजों से मुलाकात के अनुभव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया। कैंसर जागरूकता को लेकर अर्जुन ने कहा कि यह सिर्फ किसी एक इंडस्ट्री या कुछ लोगों की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि हर उस व्यक्ति की जिम्मेदारी है जो समाज तक अपनी बात पहुंचा सकता है।

अर्जुन बिजलानी की अपील: कैंसर मरीजों के लिए आगे आना होगा
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मुंबई, टीवी अभिनेता अर्जुन बिजलानी ने छत्तीसगढ़ में कैंसर मरीजों से मुलाकात के अनुभव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया। कैंसर जागरूकता को लेकर अर्जुन ने कहा कि यह सिर्फ किसी एक इंडस्ट्री या कुछ लोगों की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि हर उस व्यक्ति की जिम्मेदारी है जो समाज तक अपनी बात पहुंचा सकता है। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने की बात कही।

आईएएनएस से बात करते हुए अर्जुन बिजलानी ने कहा, ''छत्तीसगढ़ में कैंसर मरीजों से मिलने पर मैं भावुक हो उठा। वहां एक दो साल का बच्चा कैंसर से लड़ रहा था। उस बच्चे की हालत और उसके माता-पिता की परेशानी देखकर किसी का भी दिल दहल सकता है। उस समय मुझे यह महसूस हुआ कि जिंदगी कितनी नाजुक है और छोटी-सी लापरवाही भी कितनी बड़ी समस्या बन सकती है। यह अनुभव मेरे लिए एक गहरी सीख बन गया।''

उन्होंने कहा, ''अक्सर लोग यह सोचते हैं कि जागरूकता फैलाने का काम सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री यानी बॉलीवुड का है लेकिन यह सोच गलत है। यह जिम्मेदारी सिर्फ एक क्षेत्र की नहीं हो सकती। टीवी इंडस्ट्री, तेलुगु, तमिल, मलयालम फिल्म इंडस्ट्री, खेल जगत के खिलाड़ी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर, हर वह व्यक्ति जो लोगों तक पहुंच बना सकता है, उसे इस काम में आगे आना चाहिए। जब तक सभी लोग मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक जागरूकता पूरी तरह नहीं फैल सकती।''

अर्जुन ने कहा, ''अगर कोई व्यक्ति किसी सामाजिक काम में योगदान दे रहा है, तो उसे देखकर दूसरों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। यही सोच ही समाज में बड़ा बदलाव ला सकती है। जब ज्यादा लोग एक साथ किसी अच्छे उद्देश्य के लिए जुड़ते हैं, तो उसका असर कई गुना बढ़ जाता है।''

अर्जुन ने कहा, ''जब कोई समाज के लिए काम करता है, तो उसमें किसी तरह की तुलना या हिसाब-किताब नहीं होना चाहिए। यह नहीं सोचना चाहिए कि कौन कितना कर रहा है, बल्कि यह सोचना चाहिए कि हम कितना योगदान दे सकते हैं। अगर हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार थोड़ा भी योगदान दे, तो बड़ा बदलाव संभव है।''

अर्जुन बिजलानी ने कैंसर जैसी बीमारी में सबसे जरूरी बात बचाव पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी में एक कहावत है कि इलाज से बेहतर बचाव होता है। अगर किसी बीमारी का पता समय पर चल जाए, तो उसका इलाज आसान हो जाता है। लेकिन अगर उसे नजरअंदाज किया जाए, तो वह सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करती है। इसलिए समय-समय पर जांच और सही जानकारी बहुत जरूरी है।


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