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अमिताभ के साथ केबीसी में आमिर खान, 'बंटवारा 1947' की पूरी टीम देगी दस्तक

मुंबई, हिंदी पीरियड ड्रामा 'बंटवारा-1947' की पूरी स्टारकास्ट अभिनेता अमिताभ बच्चन के क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के ग्रैंड प्रीमियर में आमिर खान के साथ शिरकत करेगी। शो मेकर्स ने प्रीमियर का छोटा-सा क्लिप शेयर कर इस बात की जानकारी दी।

अमिताभ के साथ केबीसी में आमिर खान, बंटवारा 1947 की पूरी टीम देगी दस्तक
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मुंबई, हिंदी पीरियड ड्रामा 'बंटवारा-1947' की पूरी स्टारकास्ट अभिनेता अमिताभ बच्चन के क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के ग्रैंड प्रीमियर में आमिर खान के साथ शिरकत करेगी। शो मेकर्स ने प्रीमियर का छोटा-सा क्लिप शेयर कर इस बात की जानकारी दी।

सभी कलाकार होस्ट अमिताभ बच्चन के साथ इस क्विज-बेस्ड रियलिटी शो में अपनी आने वाली फिल्म 'बंटवारा 1947' का प्रमोशन करते नजर आएंगे।

चैनल ने अपने इंस्टाग्राम पर एक नया प्रोमो शेयर किया है। इसमें आमिर खान मस्ती के मूड में बिग बी से इस सीजन की थीम 'सोचना पड़ेगा' के बारे में सवाल करते दिख रहे हैं। आमिर कहते हैं, "आपने प्रोमो में कहा है 'सोचना पड़ेगा', तो क्या सोचना पड़ेगा?"

इसके जवाब में अमिताभ बच्चन ने अपने खास अंदाज में कहा, "इतना आसान नहीं होने वाला है, क्योंकि सोचना पड़ता है न, भाईसाब।"

आमिर ने तुरंत सहमति जताते हुए कहा, "सोचना पड़ेगा, सर... वाकई सोचना पड़ेगा।"

इस एपिसोड में सनी देओल पहली बार कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट पर नजर आएंगे।

बता दें कि सनी का अमिताभ बच्चन के साथ बहुत पुराना और गहरा रिश्ता है। यह रिश्ता उनके पिता और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के जरिए दशकों पुराना है।

अमिताभ और धर्मेंद्र ने साथ में कई यादगार फिल्में की हैं, जिनमें 'शोले', 'चुपके चुपके' और 'राम बलराम' शामिल हैं। वे हिंदी सिनेमा के सबसे सम्मानित समकालीन कलाकारों में से एक हैं।

फिल्म 'बंटवारा 1947' का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है और यह आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी है। फिल्म का संगीत ए.आर. रहमान ने तैयार किया है जबकि गीत जावेद अख्तर ने लिखे हैं। फिल्म में सनी देओल, करण देओल, अली जफर, प्रीति जिंटा, शबाना आजमी और अभिमन्यु सिंह अहम किरदारों में हैं।

फिल्म की कहानी 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है। यह उन आम लोगों की जिंदगी को दिखाती है जो इस विभाजन से प्रभावित हुए थे।

कहानी में एक हिंदू परिवार को दिखाया गया है जो लाहौर से भारत आता है और उन्हें एक हवेली मिलती है जो पहले एक मुस्लिम परिवार की थी। कहानी में मोड़ तब आता है जब उन्हें पता चलता है कि उस हवेली में एक बुजुर्ग मुस्लिम महिला अभी भी रह रही है। इसी स्थिति से इंसानी रिश्तों, भावनाओं और संघर्ष की एक गहरी कहानी पेश की जाएगी।

यह फिल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।


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