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हौसले से बनी सुपरस्टार, कैटरीना कैफ ने भाषा की बाधा को पार कर बॉलीवुड में किया कमाल

मुंबई, कैटरीना कैफ का शुरुआती जीवन किसी आम बच्चे की तरह स्थिर नहीं था। 16 जुलाई 1984 को ब्रिटिश हांगकांग में जन्मीं कैटरीना का बचपन 13 से अधिक देशों के निरंतर प्रवास में बीता। उनके पिता मोहम्मद कैफ के प्रारंभिक अलगाव के बाद उनकी मां सुजैन टरकोट (जो एक समर्पित अंतरराष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता थीं) ने अकेले ही कैटरीना कैफ और उनके सात भाई-बहनों का पालन-पोषण किया।

हौसले से बनी सुपरस्टार, कैटरीना कैफ ने भाषा की बाधा को पार कर बॉलीवुड में किया कमाल
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मुंबई, कैटरीना कैफ का शुरुआती जीवन किसी आम बच्चे की तरह स्थिर नहीं था। 16 जुलाई 1984 को ब्रिटिश हांगकांग में जन्मीं कैटरीना का बचपन 13 से अधिक देशों के निरंतर प्रवास में बीता। उनके पिता मोहम्मद कैफ के प्रारंभिक अलगाव के बाद उनकी मां सुजैन टरकोट (जो एक समर्पित अंतरराष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता थीं) ने अकेले ही कैटरीना कैफ और उनके सात भाई-बहनों का पालन-पोषण किया। अपनी मां के सामाजिक अभियानों के कारण, कैटरीना कैफ को चीन, जापान, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, पोलैंड और हवाई जैसे विभिन्न देशों में निरंतर भटकना पड़ा, जिससे उनकी शिक्षा किसी पारंपरिक स्कूल के बजाय घर पर ही संपन्न हुई।

हवाई में 14 वर्ष की आयु में एक मॉडलिंग प्रतियोगिता जीतने के पश्चात लंदन में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत करने वाली कैटरीना कैफ को जल्द ही भारतीय फिल्म निर्माता कैजाद गुस्ताद ने अपनी फिल्म 'बूम' (2003) के लिए साइन कर लिया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी विफलता साबित हुई, जिसका मुख्य कारण कैटरीना कैफ का अपरिचित ब्रिटिश बोलचाल और हिंदी भाषा का शून्य ज्ञान था। यह भाषाई सीमा इतनी गंभीर थी कि इसी कारणवश उन्हें महेश भट्ट की फिल्म 'साया' से निष्कासित कर दिया गया।

परंतु, भाषाई बाधा को पार करने के लिए उन्होंने हिंदी और उर्दू के विशेष कोच नियुक्त किए तथा वरिष्ठ अभिनेता जैकी श्रॉफ की सलाह पर देवनागरी लिपि का अध्ययन किया, ताकि वे अपनी स्क्रिप्ट स्वयं पढ़ सकें और संवादों की भावनात्मक गहराई को समझ सकें। इसके समानांतर, उन्होंने अपनी कला को निखारने और भारतीय दर्शकों को समझने के लिए दक्षिण भारतीय सिनेमा का रुख किया।

2004 की तेलुगु फिल्म 'मल्लीश्वरी' के लिए उन्हें उस समय 94,000 डॉलर (लगभग 70 लाख रुपए) की रिकॉर्ड फीस प्राप्त हुई, जिसने उन्हें वित्तीय स्थिरता और भारतीय फिल्म उद्योग में आत्मविश्वास प्रदान किया। इसके पश्चात 'मैंने प्यार क्यों किया?' (2005), 'नमस्ते लंदन' (2007), 'एक था टाइगर' और 'धूम 3' जैसी फिल्मों ने उन्हें भारतीय सिनेमा के शीर्ष पर स्थापित कर दिया।

कैटरीना कैफ की रणनीतिक दृष्टि केवल कैमरे के सामने अभिनय करने तक सीमित नहीं रही। सिनेमाई सफलता की अनिश्चित प्रकृति का पूर्व-आकलन करते हुए, उन्होंने 2019 में ई-कॉमर्स दिग्गज 'नायका' के साथ एक रणनीतिक साझेदारी के तहत अपना स्वयं का कॉस्मेटिक ब्रांड 'के ब्यूटी' लॉन्च किया। एक ऐसे बाजार में जहां अधिकांश सेलिब्रिटी-आधारित ब्रांड वित्तीय घाटे का सामना कर रहे हैं, 'के ब्यूटी' ने अपने गुणवत्ता-संचालित उत्पादों और मजबूत ई-कॉमर्स रणनीति के कारण अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025 में ब्रांड ने 240 करोड़ रुपए का ग्रॉस सेल्स दर्ज किया। मजबूत ई-कॉमर्स उपस्थिति के साथ महामारी के बाद उपभोक्ताओं का भरोसा और मजबूत हुआ। वित्तीय वर्ष 2026 में ग्रॉस सेल्स बढ़कर 350 करोड़ रुपए पहुंचा, जो 46 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि है। इसी दौरान ब्रांड ने यूके के प्रमुख रिटेलर स्पेस एनके के जरिए वैश्विक विस्तार शुरू किया।

व्यावसायिक सफलताओं के शोर से परे, कैटरीना कैफ अपनी मां द्वारा स्थापित एनजीओ 'रिलीफ प्रोजेक्ट्स इंडिया' और तमिलनाडु के मदुरै स्थित 'क्लेरेटियन मर्सी होम' के माध्यम से सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। यह पहल कन्या भ्रूण हत्या जैसे गंभीर सामाजिक अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा 'माउंटेन व्यू स्कूल' के जरिए ग्रामीण और वंचित वर्ग की बच्चियों को मुफ्त अंग्रेजी-माध्यम शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए समर्पित है।

अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा यात्राओं और एक देश से दूसरे देश की अस्थिरता में बिताने के बाद, 9 दिसंबर 2021 को अभिनेता विक्की कौशल के साथ विवाह सूत्र में बंधने पर कैटरीना कैफ के जीवन में एक गहरा व्यक्तिगत और भावनात्मक ठहराव आया है। फिलहाल उनका पूरा ध्यान बेटे विहान कौशल की देखभाल और पति विक्की कौशल के साथ क्वालिटी टाइम बिताने पर है। कैटरीना को आखिरी बार जनवरी 2024 में रिलीज हुई फिल्म 'मैरी क्रिसमस' में विजय सेतुपति के साथ देखा गया।

कमाई और सफलता के मामले में बॉक्स ऑफिस पर कैटरीना कैफ की सबसे बड़ी और सबसे हिट फिल्म 'टाइगर जिंदा है' है। इसके बाद 'धूम 3' और 'एक था टाइगर' हैं। कमाई के अलावा, कुछ फिल्में ऐसी हैं जिन्हें उनकी बेहतरीन कहानी और कैटरीना की एक्टिंग के लिए 'कल्ट क्लासिक' माना जाता है।

फिल्म 'नमस्ते लंदन' में 'जस्मिन' के किरदार के लिए उनकी एक्टिंग की काफी तारीफ हुई थी। 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' में उनके 'लैला' के किरदार और शांत अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। 'अजब प्रेम की गजब कहानी' रणबीर कपूर के साथ आई यह एक सुपरहिट रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म थी, जिसके गाने और दोनों की केमिस्ट्री आज भी लोग पसंद करते हैं। पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म 'राजनीति' में कैटरीना ने एक बेहद गंभीर और कड़क नेता की भूमिका निभाई थी।


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