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Deshbandhu

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    ओ वसंत! तुम्हें मनुहारता कचनार

    ओ वसंत! तुम्हें मनुहारता कचनार

    डॉ. श्रीराम परिहार मैं जिस महाविद्यालय में पढ़ाता हूं, उसके बगीचे में कचनार का पेड़ है- बूढ़ा और खखराया हुआ. वह ऊपर-ऊपर से सूख गया है, लेकिन छाती के पास...

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