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केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार 14 जुलाई को कोलकाता में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करेंगे

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार 14 जुलाई को कोलकाता में एक बड़े कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे। यह कार्यक्रम सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करने और तीसरे 'नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम' (नमस्ते) दिवस को मनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार 14 जुलाई को कोलकाता में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करेंगे
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नई दिल्ली। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार 14 जुलाई को कोलकाता में एक बड़े कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे। यह कार्यक्रम सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करने और तीसरे 'नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम' (नमस्ते) दिवस को मनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि मुख्य कार्यक्रम और 'दिव्य कला मेला' पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रवींद्र सदन में आयोजित किए जाएंगे, जबकि देश भर के शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में समानांतर कार्यक्रम होंगे।

बयान में कहा गया कि केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार के अलावा, कोलकाता के कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भी शामिल होने की संभावना है। इसमें मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त और विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के भी भाग लेने की उम्मीद है।

'नमस्ते' दिवस पर शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) सफाई कर्मचारियों के कल्याण पर केंद्रित गतिविधियां आयोजित करेंगे। इनमें व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जांच शिविर, सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाना, मशीनीकृत सफाई उपकरणों और सुरक्षा गियर का प्रदर्शन, और सफाई कर्मचारियों के योगदान के लिए उन्हें सम्मानित करना शामिल है।

बयान में कहा गया है कि 'नमस्ते' दिवस सफाई कर्मचारियों, जिनमें सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारी, कचरा बीनने वाले और पहले हाथ से मैला ढोने वाले शामिल हैं, को सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्वच्छता की रक्षा में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए सम्मानित करने के लिए समर्पित है।

इसमें कहा गया है कि यह आयोजन मशीनीकृत सफाई, कौशल विकास, सुरक्षात्मक उपकरण और स्थायी रोजगार के अवसरों के माध्यम से उनकी सुरक्षा, सम्मान और आजीविका को बेहतर बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

मंत्रालय ने कहा कि यह आयोजन ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहने वाले समुदायों के कल्याण को प्राथमिकता देने के साथ देश में एक सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बयान में कहा गया है कि यह दिन मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देकर, खतरनाक सफाई प्रथाओं को खत्म करके, सुरक्षात्मक उपकरणों तक पहुंच प्रदान करके, कौशल विकास और स्थायी आजीविका के अवसर देकर उनकी सुरक्षा, सम्मान और भलाई सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता मजबूत करता है।

'नमस्ते' दिवस सफाई कर्मचारियों के अधिकारों और कल्याण के बारे में जागरूकता बढ़ाने, उनके योगदान के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देने और सभी के लिए एक सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के राष्ट्र के संकल्प को दोहराने का अवसर भी प्रदान करता है।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने 2023-24 में 'नमस्ते' योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य सफाई कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और साथ ही सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

'नमस्ते' योजना का अपेक्षित परिणाम सफाई कार्य में शून्य मृत्यु दर हासिल करना है। इस योजना का मकसद सफाई का सारा काम कुशल कर्मचारियों से करवाना भी है। इसके उद्देश्यों में 'इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट्स' (ईआरएसयू) को मजबूत और सक्षम बनाना शामिल है ताकि मशीनों से सफाई की सेवाएं सुरक्षित रूप से दी जा सकें। साथ ही, 'सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स' (स्वयं-सहायता समूहों) को बनाकर और उद्यमिता को बढ़ावा देकर सफाई कर्मचारियों को सशक्त बनाना भी इसका लक्ष्य है।


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