तहसीन पूनावाला ने इथेनॉल पॉलिसी को बताया 'घोटाला', सीबीआई जांच की मांग
राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने इथेनॉल पॉलिसी को 'घोटाला' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे चीनी की कीमतें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई गई है।

नई दिल्ली। राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने इथेनॉल पॉलिसी को 'घोटाला' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे चीनी की कीमतें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई गई है।
तहसीन पूनावाला ने कहा, "अभी-अभी 'टीम भारत' ने सीबीआई में चीनी घोटाले की जांच की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है; हमने यही अर्जी दी है। चीनी घोटाला देश के सबसे बड़े घोटालों में से एक है और इसकी आड़ में इथेनॉल घोटाला भी बढ़ता जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "इथेनॉल पॉलिसी बनाई जाती है। एक मंत्री कहते हैं कि जब पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ेगी, तो आपको 15 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से पेट्रोल मिलेगा। इथेनॉल डिस्टिलरी और चीनी मिलें राजनेताओं और उनके बच्चों द्वारा चलाई जा रही हैं। ई-20 इथेनॉल पॉलिसी को समय से पहले लागू कर दिया जाता है, जबकि इसके लिए कोई इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं है। पीएसयू बैंकों से चीनी मिलों और इथेनॉल डिस्टिलरी को लाखों करोड़ रुपए के लोन दिए जाते हैं। इथेनॉल की मात्रा बढ़ाने के लिए चीनी और गन्ने को इथेनॉल मिलों की तरफ डायवर्ट किया जाता है।"
उन्होंने कहा कि इसका मार्केट बनाने के लिए जबरन इथेनॉल-20 डाला जाता है, जबकि हमारी गाड़ियां इथेनॉल-10 से चलती हैं। गन्ने को इथेनॉल की तरफ डायवर्ट किया गया है, इसकी वजह से गन्ने की कमी हो जाती है। जो भारत चीनी का निर्यात कर पैसे कमाता था, आज उसी को आयात करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। खासकर, त्योहार के सीजन में जनता को चीनी के बढ़े हुए दाम देने पड़ रहे हैं और दूसरी तरफ ई-20 से गाड़ियों का बुरा हाल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यह पूरी की पूरी पॉलिसी चंद नेताओं के बेटों और परिवार को बढ़ाने के लिए है। इसका फायदा नेताओं को हो रहा है और नुकसान देश व जनता को उठाना पड़ा रहा है। इसीलिए हम सीबीआई से अनुरोध कर रहे हैं कि चीनी घोटाले की जांच होनी चाहिए। इसी के साथ इस पॉलिसी के तहत जो भ्रष्टाचार हो रहा है, उसकी जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अगर सीबीआई इस शिकायत को दर्ज नहीं करती है, अगर एफआईआर दर्ज नहीं होती है, तो हम कोर्ट जाएंगे।


