Top
Begin typing your search above and press return to search.

महिला पुलिसकर्मी से धक्का-मुक्की पर भड़के आरपी सिंह, बोले- ये मानसिकता ठीक नहीं

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक पर निशाना साधा

महिला पुलिसकर्मी से धक्का-मुक्की पर भड़के आरपी सिंह, बोले- ये मानसिकता ठीक नहीं
X

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक पर निशाना साधा। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित धक्का-मुक्की, विपक्ष के 'अघोषित आपातकाल' के आरोप, पूर्व न्यायाधीशों के पत्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'लीकेज रोकने' वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।

कांग्रेस के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित धक्का-मुक्की के सवाल पर आरपी सिंह ने इसे गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मी के साथ हाथ लगाने का कोई औचित्य नहीं है। यदि प्रदर्शनकारियों को किसी मुद्दे पर विरोध करना है तो उन्हें अपनी महिला कार्यकर्ताओं के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा के प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ कथित व्यवहार का भी जिक्र किया और विपक्ष पर ऐसी मानसिकता रखने का आरोप लगाया कि वे खुद को दूसरों से ऊपर समझते हैं। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।

विपक्ष द्वारा देश में 'अघोषित आपातकाल' होने के आरोप पर आरपी सिंह ने कहा कि विपक्ष को आज अपनी बात रखने की पूरी आजादी है। विपक्षी नेता लगातार सदन में आ रहे हैं, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं और टीवी पर अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने आपातकाल के अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में 19 महीने तक बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ता जेल में रहे और उन्हें यातनाएं सहनी पड़ीं। मौजूदा परिस्थितियों की तुलना आपातकाल से करना उचित नहीं है और विपक्ष को आपातकाल की वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी नहीं है।

चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर 42 पूर्व न्यायाधीशों की चिंता का जिक्र करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि देश के जाने-माने पूर्व न्यायाधीशों ने संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयासों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके बाद राहुल गांधी इस विषय पर विचार करेंगे।

राजघाट पर राहुल गांधी के बैठने और जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक इंडिया ब्लॉक का आंदोलन जारी रखने के बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर अहिंसा का संदेश दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित धक्का-मुक्की और हिंसा का व्यवहार महात्मा गांधी की सीख के विपरीत है। बापू का नाम लेने के साथ उनके अहिंसा के सिद्धांतों का भी पालन होना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मुफ्त की कमाई बंद हुई तो चीखते रहेंगे, मैं लीकेज रोकता रहूंगा' वाले बयान पर आरपी सिंह ने उनका समर्थन किया। उन्होंने मनरेगा में कथित अनियमितताओं और फर्जी राशन कार्डों का जिक्र करते हुए कहा कि बैंक और आधार से लिंक किए जाने के बाद व्यवस्था में मौजूद कथित लीकेज को रोकने का काम हुआ। इससे कुछ लोगों को परेशानी हुई क्योंकि उनके अनुसार पहले यह व्यवस्था कुछ लोगों के वोट बैंक से जुड़ी हुई थी। आरपी सिंह ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण को भी लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it