राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सिंघवी ने मांगी फोरेंसिक ऑडिट
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य अभिषेक मनु सिंघवी ने शनिवार को कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर अब तक जो तथ्य सामने आये हैं वे पूरे मामले की केवल एक छोटी सी झलक है और इसकी स्वतंत्र फोोंसिक ऑडिट करायी जानी चाहिए

‘सुनियोजित लूट’ का आरोप, कांग्रेस का बड़ा हमला
- 70 बार हुई चोरी, CCTV के सामने चलता रहा खेल
- चंपत राय का नाम क्यों गायब? जवाबदेही पर सवाल
नयी दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य अभिषेक मनु सिंघवी ने शनिवार को कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर अब तक जो तथ्य सामने आये हैं वे पूरे मामले की केवल एक छोटी सी झलक है और इसकी स्वतंत्र फोोंसिक ऑडिट करायी जानी चाहिए।
श्री सिंघवी ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में यह कोई छोटी-मोटी चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित और संगठित लूट है। उन्होंने दावा किया कि जो तथ्य अब तक सामने आये हैं, वे पूरे मामले की केवल एक छोटी झलक हैं और इसकी स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट करायी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित चोरी महीनों तक सीसीटीवी कैमरों के सामने होती रही, लेकिन किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच चंदा गिनती कक्ष में 70 कथित चोरी की घटनाएं हुईं और आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय का नाम रिपोर्ट में नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जवाबदेही तय करते समय उनका नाम क्यों गायब हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के बीच हुए एमओयू एवं मानक संचालन प्रक्रिया में दान पेटी खोलने, बायोमेट्रिक उपस्थिति तथा सुरक्षा जांच के स्पष्ट प्रावधान होने के बावजूद कथित अनियमितताएं कैसे हुईं।
प्रेस वार्ता में मौजूद दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और मामले में शामिल बड़े लोगों को बचाने के बजाय निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।


