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गिग वर्कर्स की आवाज सबसे पहले राहुल गांधी ने उठाई: सुप्रिया श्रीनेत

केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद 10 मिनट में डिलीवरी पर रोक लगाए जाने का कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने स्वागत किया है

गिग वर्कर्स की आवाज सबसे पहले राहुल गांधी ने उठाई: सुप्रिया श्रीनेत
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10 मिनट डिलीवरी पर रोक का स्वागत, बेहतर कानून की मांग

  • राजस्थान, कर्नाटक और तेलंगाना में गिग वर्कर्स के लिए सकारात्मक पहल
  • शक्सगाम घाटी में चीन की गतिविधियों पर सरकार की चुप्पी पर सवाल
  • भाजपा-आरएसएस नेताओं की चीनी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात पर कांग्रेस का निशाना

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद 10 मिनट में डिलीवरी पर रोक लगाए जाने का कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले गिग वर्कर्स की समस्याओं का संज्ञान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लिया। उन्होंने सबसे पहले उनसे संबंधित मुद्दे उठाए थे।

कांग्रेस नेता ने कहा कि गिग वर्कर्स को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उनमें अमानवीय व्यवहार, जल्दबाजी में डिलीवरी करने का दबाव और जान जोखिम में पड़ना शामिल है। ये मुद्दे सबसे पहले राहुल गांधी ने उठाए थे।

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रूप से कई गिग वर्कर्स से बात की, उनके संघर्षों को समझा और उनके साथ काफी समय बिताया। अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने गिग वर्कर्स के लिए एक पैकेज पेश किया था। इसी तरह, हमारी कर्नाटक और तेलंगाना सरकारों ने भी उनके लिए कई सकारात्मक पहल की हैं। केंद्र सरकार के इस फैसले का मैं स्वागत करती हूं। गिग वर्कर्स इनफॉर्मल इकोनॉमी का बहुत बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। उनकी बेहतरी के लिए अच्छे कानून लाने चाहिए। कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में और राहुल गांधी ने वादा किया था कि अगर हमारी सरकार बनी तो गिग वर्कर्स के लिए पीएफ, ग्रेच्युटी और उनके परिवार के लिए इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। राहुल गांधी द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का फैसला एक सकारात्मक कदम है।

शक्सगाम घाटी को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में चीन घुसा, फिर लद्दाख और अब जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी में चीन निर्माण कर रहा है और इसे अपना क्षेत्र बताता है। हमारी संप्रभुता को लगातार चुनौती दी जा रही है, लेकिन सरकार चुप क्यों है?

उन्होंने भाजपा और आरएसएस नेताओं के साथ चीनी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकातों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस के नेता पहले चीनी मुलाकातों को देशद्रोह बताते थे, लेकिन अब खुद भाजपा मुख्यालय में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से मीटिंग कर रहे हैं। वे लोग चीनी से मुलाकात करने को देशद्रोह बताते थे, लेकिन अब अपनी मीटिंग क्यों कर रहे हैं? भाजपा और संघ परिवार बताएं कि क्या चर्चा हुई? भाजपा मुख्यालय में चीनी प्रतिनिधिमंडल से जो बातचीत हुई, वह किन मुद्दों पर हुई? यह सब देश को बताना चाहिए।


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