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डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का भंडाफोड़: 1.4 करोड़ नकद, जेवरात व लग्जरी कारें जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पे10 सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और एशियन चेकआउट प्राइवेट लिमिटेड (एसीपीएल) समेत अन्य के खिलाफ बड़े पैमाने पर डिजिटल और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच शुरू की है

डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का भंडाफोड़: 1.4 करोड़ नकद, जेवरात व लग्जरी कारें जब्त
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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पे10 सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और एशियन चेकआउट प्राइवेट लिमिटेड (एसीपीएल) समेत अन्य के खिलाफ बड़े पैमाने पर डिजिटल और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच शुरू की है। ये कंपनियां पेमेंट एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रही थीं।

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ईडी ने 13 मई से 15 मई के बीच पे10, एसीपीएल और उनसे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए और जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान करीब 1.4 करोड़ रुपए नकद, लगभग 65 लाख रुपए के जेवरात, बुलियन और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए, जिनमें अवैध लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं। इसके अलावा पे10 और एसीपीएल से जुड़े चार लग्जरी वाहनों को भी फ्रीज कर दिया गया है।

जांच में एक सुनियोजित तंत्र का खुलासा हुआ है, जिसके जरिए फर्जी वेबसाइट्स और पेमेंट गेटवे के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। आरोपियों ने नकली वेबसाइट्स बनाकर सामान और सेवाओं की झूठी बिक्री दिखाई, जबकि वास्तविक कोई व्यापारिक गतिविधि नहीं हो रही थी। इन फर्जी लेनदेन से प्राप्त धन को पेमेंट गेटवे के जरिए घुमाकर उसकी असली पहचान छिपाई जाती थी।

ईडी के अनुसार पे10 और एसीपीएल ने पेमेंट एग्रीगेटर की आड़ में फर्जी और संदिग्ध मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड किया। नकली बिल तैयार किए जिनमें जीएसटी से जुड़े दस्तावेज भी शामिल थे। साथ ही, सट्टेबाजी, गेमिंग और साइबर फ्रॉड से जुड़े लेनदेन को बढ़ावा दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी ने खुद भी फर्जी और गैर-मौजूद संस्थाओं से एंट्री लेकर अवैध धन को वैध दिखाने की कोशिश की।

मामले में एक ऐसे गिरोह की पहचान की गई है जो पे10 के लिए फर्जी बिल तैयार करता था। जांच में यह भी पता चला है कि पे10 का अंतिम लाभकारी स्वामी (यूबीओ) दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाला ग्रेनाडा का नागरिक है, जिसके साथ कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भी संलिप्तता पाई गई है। आगे की जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, गैरकानूनी संपर्क गतिविधियों, फर्जी गारमेंट व्यापारियों के नाम पर तैयार बिलों और अन्य आपराधिक स्रोतों से प्राप्त धन को हवाला नेटवर्क के जरिए ठिकाने लगाया जा रहा था।

ईडी ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। ईडी ने कहा है कि बिना अनुमति वाले ऑनलाइन सट्टेबाजी या जुआ प्लेटफॉर्म से दूर रहें, संदिग्ध यूपीआई आईडी या अनजान पेमेंट लिंक पर पैसे ट्रांसफर न करें और किसी भी प्लेटफॉर्म पर अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। एजेंसी ने अवैध सट्टेबाजी, पेमेंट चैनल या संबंधित नेटवर्क की जानकारी मिलने पर नजदीकी कानून प्रवर्तन एजेंसी को सूचित करने की अपील की है।


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