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दिल्ली सरकार की बड़ी कार्रवाई: दवा खरीद एजेंसी में सात अधिकारी-कर्मचारी निलंबित

दिल्ली सरकार ने सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) के स्टोर में कथित गंभीर अनियमितताओं के मामले में कड़ा कदम उठाते हुए सात अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया

दिल्ली सरकार की बड़ी कार्रवाई: दवा खरीद एजेंसी में सात अधिकारी-कर्मचारी निलंबित
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भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश पर सख्त कदम

  • फार्मासिस्ट और अधिकारी सस्पेंड: सीपीए स्टोर में गंभीर अनियमितताएं उजागर
  • पारदर्शिता पर जोर: सरकारी विभागों में लगातार निगरानी और जांच
  • भ्रष्टाचार पर नकेल: दोषियों के खिलाफ उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) के स्टोर में कथित गंभीर अनियमितताओं के मामले में कड़ा कदम उठाते हुए सात अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।

सीएमओ के अनुसार, सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी के स्टोर में गंभीर प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आने के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के तहत पांच फार्मासिस्ट और दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार भ्रष्टाचार और प्रशासनिक कदाचार के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। सरकार का कहना है कि किसी भी विभाग में भ्रष्टाचार या नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

सरकार ने संदेश में कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से सरकारी विभागों में कार्यप्रणाली की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां भी अनियमितताओं की शिकायत या संकेत मिल रहे हैं, वहां तत्काल जांच और कार्रवाई की जा रही है।

दिल्ली सरकार का कहना है कि यह कदम सरकारी संस्थानों में जवाबदेही बढ़ाने और सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में उठाया गया है। सरकार का मानना है कि सख्त कार्रवाई से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि सरकारी कर्मचारियों में जवाबदेही और अनुशासन भी मजबूत होगा।

सीएमओ ने यह भी दोहराया कि भ्रष्टाचार या प्रशासनिक कदाचार के प्रत्येक मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ उदाहरण प्रस्तुत करने वाली कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी यदि किसी विभाग में इस तरह की अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई की जाएगी।


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