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जानें कौन है स्वतंत्र भारद्वाज, क्‍या है जंतर-मंतर प्रदर्शन से नाता, सफाई में क्या कहा?

CJP नेताओं का आरोप है कि घटना के बाद FIR दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, मामले में नाम सामने आए स्वतंत्र भारद्वाज का दावा है कि उन्होंने जो किया, वह आत्मरक्षा में किया था।

जानें कौन है स्वतंत्र भारद्वाज, क्‍या है जंतर-मंतर प्रदर्शन से नाता, सफाई में क्या कहा?
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नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को CJP के को-कन्वीनर सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। उनके साथ सांसद चंद्रशेखर आजाद भी थाने पहुंचे। नेताओं ने CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की कथित मारपीट के मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की। CJP नेताओं का आरोप है कि घटना के बाद FIR दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई है।

CJP ने पुलिस से की कार्रवाई की मांग

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जंतर-मंतर पर उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन इसी दौरान हिंसा की घटना हुई। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस ने बड़ी संख्या में आपराधिक मामलों से जुड़े लोगों की पहचान की है, तो उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। दास ने कहा कि CJP लगातार छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ी रही है। उनका आरोप है कि घटना के बाद से दिल्ली पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

आशुतोष रांका ने लगाए गंभीर आरोप

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नीशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि संगठन लगातार इस मामले में न्याय की मांग कर रहा है। रांका ने सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि घटना में कथित रूप से शामिल व्यक्ति ने सार्वजनिक तौर पर संजय कुमार पर हमला करने की बात कही है। CJP की मांग है कि मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करे और यदि जांच में गंभीर आपराधिक धाराएं बनती हैं तो उन्हें लागू किया जाए।

नीशू आजाद ने भी पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

नीशू आजाद का आरोप है कि जुलाई में जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान उनके पिता संजय कुमार पर हमला किया गया था। उनके मुताबिक, इस घटना में उनके पिता के सिर में गंभीर चोट लगी और उन्हें उपचार की जरूरत पड़ी। नीशू का कहना है कि घटना के बाद FIR दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो को साझा करते हुए उन्होंने पुलिस से मामले में कार्रवाई की अपील की है।

राहुल गांधी ने जताया समर्थन

मामले में कांग्रेस भी सक्रिय हुई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नीशू आजाद के समर्थन में पोस्ट किया। इसके बाद कांग्रेस की कानूनी टीम की ओर से भी मामले में मदद किए जाने की बात सामने आई है। राहुल गांधी ने नीशू के छात्रों और अपने समुदाय के अधिकारों के लिए आवाज उठाने का उल्लेख करते हुए उनके समर्थन की बात कही। उनकी पोस्ट के बाद नीशू ने कहा कि उन्हें अब न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

स्वतंत्र भारद्वाज ने बताया आत्मरक्षा का मामला

मामले में नाम सामने आए स्वतंत्र भारद्वाज ने आरोपों का अपना पक्ष रखते हुए कहा कि घटना को हमला बताया जा रहा है, जबकि उन्होंने आत्मरक्षा में कदम उठाया था। उनका दावा है कि उन्हें कई लोगों ने घेर लिया था और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए प्रतिक्रिया करनी पड़ी। भारद्वाज ने कहा कि उनके पास घटना से संबंधित वीडियो सबूत हैं और वह पुलिस की जांच में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि संजय कुमार को गंभीर चोट नहीं आई थी।

दूसरी ओर, नीशू आजाद ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के आधार पर आरोप लगाया है कि भारद्वाज ने स्वयं संजय कुमार पर हमला करने की बात स्वीकार की है। हालांकि, वीडियो में किए गए दावों और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि जांच का विषय है।

सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं स्वतंत्र भारद्वाज

स्वतंत्र भारद्वाज सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर कंटेंट पोस्ट करते हैं। वह खुद को ‘स्वतंत्र सनातनी योद्धा’ बताते हैं। सोशल मीडिया पर उनके बड़ी संख्या में फॉलोअर्स बताए जाते हैं। जंतर-मंतर की घटना के बाद उनका नाम इस विवाद में सामने आया है। हालांकि, किसी व्यक्ति की सोशल मीडिया पहचान या उसके पोस्ट अपने आप में मामले में आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं करते। यह पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है।


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