ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर INDIA ब्लॉक का मार्च, राहुल गांधी-खड़गे समेत कई नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
मार्च से पहले INDIA ब्लॉक के नेता कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में एकत्र हुए। यहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर रवाना हुए। विपक्षी नेताओं के मुताबिक, अदालत पहुंचकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ याचिका दायर करने की योजना है।

नई दिल्ली: INDIA Bloc March: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध तेज हो गया है। INDIA ब्लॉक के नेताओं और सांसदों ने सोमवार को दिल्ली में बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। इस विरोध मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेंद्र यादव समेत विपक्ष के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। मार्च के जरिए विपक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई। नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची और कथित वोट चोरी से जुड़े आरोपों पर निष्पक्ष सुनवाई होनी चाहिए।
कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब से शुरू हुआ विरोध
मार्च से पहले INDIA ब्लॉक के नेता कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में एकत्र हुए। यहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर रवाना हुए। विपक्षी नेताओं के मुताबिक, अदालत पहुंचकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ याचिका दायर करने की योजना है। प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत और अरविंद सावंत, महुआ मोइत्रा, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और विपक्ष के अन्य सांसद भी शामिल रहे। विपक्ष का कहना है कि यह मार्च किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग है।
'लोकतंत्र में लोगों की आवाज नहीं दबाई जा सकती'
कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने विरोध मार्च के दौरान कहा कि सरकार लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के विरोध से सत्तापक्ष परेशान है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी मांग रखने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। पायलट के मुताबिक, विपक्ष चाहता है कि सुप्रीम कोर्ट उसकी बात सुने और मामले में उचित कदम उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर अवैध और असंवैधानिक तरीके से काम करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। पायलट ने यह भी आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जा रही है और नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। ये आरोप कांग्रेस नेता ने प्रदर्शन के दौरान लगाए।
अखिलेश यादव का आरोप, यूपी में अब भी दोहरे वोट
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली रवाना होने से पहले भारतीय जनता पार्टी पर मतदाता सूची में गड़बड़ी कराने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी बड़ी संख्या में दोहरे वोट मौजूद हैं। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम करता दिखाई दे रहा है। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि INDIA ब्लॉक का मार्च केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं है, बल्कि देश में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग विरोध कर रहे हैं।
आनंद भदौरिया बोले- मांग पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि मार्च का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती। भदौरिया ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने पर नाराजगी
इस बीच, जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटाए जाने के फैसले पर भी विरोध सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस निर्णय को तानाशाही से जोड़ते हुए कहा गया कि जंतर-मंतर को पहले ही युद्ध क्षेत्र में बदल दिया गया था। पोस्ट में आगे कहा गया, 'अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा।' विपक्ष का यह विरोध ऐसे समय हो रहा है, जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। INDIA ब्लॉक ने इन मुद्दों पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने और उस पर संभावित सुनवाई को लेकर आगे की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।


