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फ्रांस की फ्लाइंग व्हेल्स भारत में स्थापित करेगी अपना मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम, वित्त मंत्री सीतारमण से हुई खास चर्चा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को पेरिस में फ्रांसीसी एयरोस्पेस लॉजिस्टिक्स कंपनी फ्लाइंग व्हेल्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन बोगॉन के साथ बैठक कर भारत में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम स्थापित करने की योजना पर चर्चा की

फ्रांस की फ्लाइंग व्हेल्स भारत में स्थापित करेगी अपना मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम, वित्त मंत्री सीतारमण से हुई खास चर्चा
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नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को पेरिस में फ्रांसीसी एयरोस्पेस लॉजिस्टिक्स कंपनी फ्लाइंग व्हेल्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन बोगॉन के साथ बैठक कर भारत में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम स्थापित करने की योजना पर चर्चा की। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी साझा की।

मंत्रालय ने बताया कि बैठक के दौरान सेबेस्टियन बोगॉन ने वित्त मंत्री को फ्लाइंग व्हेल्स की दुनिया भर में संचालित सतत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी की तकनीक दूर-दराज और भू-आवेष्ठित (लैंडलॉक्ड) क्षेत्रों के आर्थिक विकास में मदद करती है और माल ढुलाई के दौरान पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम करती है।

उन्होंने यह भी बताया कि फ्लाइंग व्हेल्स अपने विनिर्माण से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को भारत में स्थापित करना चाहती है और इस दिशा में भारत को प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कंपनी की भारत में निवेश की इच्छा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत में फ्लाइंग व्हेल्स जैसी कंपनियों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं और कंपनी को देश के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने गुजरात के गिफ्ट सिटी में स्थित इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर अथॉरिटी (आईएफएससीए) और जहाज तथा विमान लीजिंग एवं मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस (एमआरओ) से जुड़े नियामकीय ढांचे की भी जानकारी दी, जिसका लाभ फ्लाइंग व्हेल्स उठा सकती है।

गौरतलब है कि फ्लाइंग व्हेल्स और भारत के बीएलपी ग्रुप ने इस वर्ष 2 अप्रैल को रणनीतिक साझेदारी के पहले चरण की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य भारत में भारी माल ढुलाई करने वाले एयरशिप के निर्माण के लिए एक मजबूत विनिर्माण इकोसिस्टम तैयार करना है, जिससे भारत इस नई परिवहन तकनीक का वैश्विक केंद्र बन सके। यह घोषणा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिखर वार्ता के दौरान की गई थी।

दोनों कंपनियों ने एलसीए60टी एयरशिप को एशिया और मध्य-पूर्व के बाजारों के लिए भारत में असेंबल करने की योजना भी पेश की थी।

करीब 200 मीटर लंबा और हीलियम गैस से संचालित एलसीए60टी एक अत्याधुनिक कार्गो एयरशिप है, जो एक बार में 60 टन तक का माल ले जाने में सक्षम है। कंपनी का बिजनेस मॉडल केवल एयरशिप बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन्हें एयरलाइन सेवा के रूप में संचालित कर उन दुर्गम इलाकों तक भारी सामान पहुंचाना भी है, जहां रनवे, सड़क या अन्य बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं है।

इस तकनीक का उपयोग पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विंड टर्बाइन ब्लेड, बिजली ट्रांसमिशन टावर, एयरोस्पेस उपकरण जैसे भारी सामान को दूरस्थ स्थानों तक पहुंचाने में किया जा सकता है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री, चिकित्सा उपकरण और सैन्य सामग्री की आपूर्ति में भी यह बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

इसके अलावा, वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेरिस में बीएनपी पारिबा ग्रुप के डिप्टी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और कॉरपोरेट एवं इंस्टीट्यूशनल बैंकिंग (सीआईबी) के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन यान जेरार्डिन से भी मुलाकात की।

बैठक के दौरान जेरार्डिन ने कहा कि वैश्विक निवेशकों के बीच भारत एक भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) की भी सराहना की।

वित्त मंत्री ने उन्हें बताया कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े सुधारों के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है।

उन्होंने समिति के लिए जेरार्डिन से सुझाव भी मांगे और कहा कि भारत अपने बैंकिंग सेक्टर को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जिसमें डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) और अकाउंट एग्रीगेटर सिस्टम को विशेष महत्व दिया जा रहा है।


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