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देवेंद्र यादव का हमला: भाजपा सरकार शिक्षा पर वार

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षकों की भारी कमी के बावजूद प्रशिक्षित शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय प्रशासनिक कार्यों में लगाया जा रहा है

देवेंद्र यादव का हमला: भाजपा सरकार शिक्षा पर वार
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10 हजार पद खाली, स्कूलों में पढ़ाई ठप!

  • शिक्षक दफ्तरों में, कक्षाएं सूनी
  • कांग्रेस का दावा: भाजपा ने सरकारी स्कूलों को किया कमजोर
  • निजी स्कूलों को बढ़ावा, लाखों छात्रों की पढ़ाई खतरे में

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षकों की भारी कमी के बावजूद प्रशिक्षित शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय प्रशासनिक कार्यों में लगाया जा रहा है।

श्री यादव ने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 10 हजार से अधिक स्वीकृत शिक्षकीय पद खाली हैं और शिक्षा व्यवस्था अतिथि तथा अनुबंधित शिक्षकों के भरोसे चल रही है। नियमित टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों को कार्यालयी कार्यों में व्यस्त रखने से कक्षाओं में पढ़ाई बाधित हो रही है। भाजपा सरकार का ध्यान सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के बजाय निजी स्कूलों को बढ़ावा देने पर है।इससे लाखों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान दिल्ली के सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ था और दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत से अधिक तक पहुंचा था। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के शिक्षा मॉडल में पर्याप्त शिक्षकों, प्राचार्यों और उप-प्राचार्यों की नियुक्ति नहीं होने से व्यवस्था कमजोर हुई, जिसे भाजपा सरकार भी सुधारने में विफल रही है।

श्री यादव ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा बजट का पूरा उपयोग नहीं किया गया, जिससे सरकारी स्कूलों के छात्रों को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आम आदमी पार्टी के मॉडल को आगे बढ़ाते हुए सरकारी स्कूलों की उपेक्षा कर रही है और निजी स्कूलों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियां अपना रही है। कांग्रेस ने सरकार से तत्काल रिक्त पद भरने, शिक्षकों को शिक्षण कार्य में लगाने और सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।


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