स्वतंत्रता दिवस पर DU में भव्य आयोजन, स्वच्छता और हरियाली के लिए जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के उन 10 शीर्ष महाविद्यालयों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने स्वच्छता और हरित वातावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। इन संस्थानों ने अपने परिसरों को साफ-सुथरा रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।

नई दिल्ली: देश की आजादी की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रांगण में भव्य स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. योगेश सिंह ने ध्वजारोहण के साथ सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष और विभाजन की पीड़ा को याद करते हुए कहा कि आजादी की उपलब्धियों का उत्सव मनाते समय इतिहास के उस दर्दनाक अध्याय को भी नहीं भुलाया जाना चाहिए।
स्वतंत्रता के साथ इतिहास को याद रखने का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. योगेश सिंह ने स्वतंत्रता दिवस को देश के लिए गौरव और आत्ममंथन का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को स्वतंत्रता हासिल करने के लिए किए गए संघर्षों और बलिदानों से परिचित होना जरूरी है। आजादी का जश्न मनाने के साथ विभाजन के दौरान लोगों ने जो पीड़ा झेली, उसे भी इतिहास के हिस्से के रूप में याद किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभाने और जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
स्वच्छता और हरियाली के लिए 10 कॉलेजों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के उन 10 शीर्ष महाविद्यालयों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने स्वच्छता और हरित वातावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। इन संस्थानों ने अपने परिसरों को साफ-सुथरा रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। सम्मान का उद्देश्य विश्वविद्यालय से जुड़े संस्थानों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ परिसर विकास की संस्कृति को प्रोत्साहित करना रहा। डीयू की ओर से ऐसे संस्थानों को पहचान देने से दूसरे कॉलेजों को भी अपने परिसरों में पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज को मिली विशेष पहचान
सम्मानित संस्थानों में जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज को भी स्थान मिला। कॉलेज के लिए यह उपलब्धि गौरव का विषय रही। संस्थान ने स्वच्छता और हरित वातावरण को लेकर लगातार किए जा रहे प्रयासों के माध्यम से विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, यह सम्मान किसी एक व्यक्ति के प्रयास का परिणाम नहीं बल्कि पूरे संस्थान की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। परिसर को स्वच्छ, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार काम किया जाता रहा है।
प्राचार्य समेत पूरी टीम की मेहनत को श्रेय
जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज की इस उपलब्धि का श्रेय कॉलेज की प्राचार्य प्रो. स्वाति पाल के नेतृत्व के साथ शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों को दिया गया। कॉलेज से जुड़े लोगों ने इस सम्मान को संस्थान की टीम भावना और अनुशासन का परिणाम बताया। स्वच्छता और हरियाली से जुड़े अभियानों में विद्यार्थियों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना गया। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि परिसर को बेहतर बनाने के लिए विद्यार्थियों में जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना जरूरी है।
शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर
दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित यह समारोह शिक्षा के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को जोड़ने का संदेश भी देता नजर आया। स्वच्छ और हरित परिसर न केवल विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी भूमिका निभाते हैं। जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज को मिला सम्मान इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सार्वजनिक पहचान के तौर पर देखा जा रहा है। कॉलेज प्रशासन ने इस उपलब्धि को भविष्य में स्वच्छता, हरियाली और जिम्मेदार कैंपस संस्कृति को और मजबूत करने की प्रेरणा बताया। समारोह ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति के साथ स्वच्छ, हरित और जिम्मेदार भारत के निर्माण का संदेश भी दिया।


