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दिल्ली सीएम की सख्त चेतावनी: कोचिंग सेंटरों को मिला सिर्फ एक महीना

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर के सभी कोचिंग सेंटरों को एक महीने की समय सीमा दी है कि वे फायर ऑडिट करवाएं, जरूरी सुरक्षा उपकरण लगाएं और तय सुरक्षा उपाय अपनाएं

दिल्ली सीएम की सख्त चेतावनी: कोचिंग सेंटरों को मिला सिर्फ एक महीना
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लखनऊ हादसे का असर: दिल्ली में फायर ऑडिट अनिवार्य

  • नियम तोड़े तो सीलिंग: सुरक्षा उपाय न अपनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई
  • छात्रों से अपील: असुरक्षित संस्थानों की जानकारी दें, हर शिकायत पर कार्रवाई
  • सुप्रीम कोर्ट में याचिका: देशभर में नेशनल फायर-सेफ्टी फ्रेमवर्क की मांग

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को शहर के सभी कोचिंग सेंटरों को एक महीने की समय सीमा दी है कि वे फायर ऑडिट करवाएं, जरूरी सुरक्षा उपकरण लगाएं और तय सुरक्षा उपाय अपनाएं।

नियमों का पालन न करने वाले कोचिंग संस्थानों को यह कड़ी चेतावनी लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हाल ही में हुई आग की दुखद घटना के बाद दी गई है, जिसमें कम से कम 15 लोगों की जान चली गई थी।

लखनऊ की आग की घटना में अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में चल रहे कोचिंग सेंटर में आग लगने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई थी।

कोचिंग में लगी आग में शामिल होने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि जवाबदेही के मुद्दों पर चार प्रशासनिक अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कोचिंग संस्थानों को चेतावनी देते हुए सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर कहा, "एक महीना। यही समय-सीमा है। दिल्ली में कोचिंग संस्थानों की संख्या मुद्दा नहीं है। हमारे बच्चों की सुरक्षा और बचाव मुद्दा है।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "बिना फायर ऑडिट, जरूरी सुरक्षा उपकरणों या तय सुरक्षा उपायों वाले किसी भी कोचिंग संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सीलिंग भी शामिल है, अगर वह एक महीने के भीतर नियमों का पालन नहीं करता है।"

उन्होंने छात्रों से अपील है कि वे किसी भी असुरक्षित कोचिंग संस्थान की जानकारी मैसेज, ईमेल या फोन के जरिए दें। हर शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। हमारे बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

सीएम ने छात्रों को शहर को सुरक्षित बनाने के सरकार के प्रयासों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

नियमों का पालन न करने वाले कोचिंग सेंटरों को मुख्यमंत्री की चेतावनी ऐसे समय में आई है जब सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) भी दायर की गई है। इसमें देश भर में ज्‍यादा जोखिम वाली सार्वजनिक जगहों के लिए 'नेशनल मिनिमम फायर एंड लाइफ-सेफ्टी फ्रेमवर्क' (आग और जीवन सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय न्यूनतम ढांचा) बनाने और लागू करने के निर्देश देने की मांग की गई है।

याचिका में कई बड़ी घटनाओं का जिक्र किया गया है, जिनमें उपहार सिनेमा में आग, एएमआरआई हॉस्पिटल में आग, सूरत के तक्षशिला आर्केड कोचिंग सेंटर में आग, अनाज मंडी में आग, राजकोट टीआरपी गेम जोन में आग, हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर गेस्ट हाउस में लगी आग और लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में लगी आग जैसी घटनाएं शामिल हैं।


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