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दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए पीएम मोदी के कदमों की सराहना की

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और मजबूती के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की।

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए पीएम मोदी के कदमों की सराहना की
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नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और मजबूती के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, ''देश के युवाओं को ऐसा भविष्य मिलना चाहिए, जो निष्पक्षता, पारदर्शिता और अवसरों पर आधारित हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्णायक सुधारों के माध्यम से हर छात्र की आकांक्षाओं को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है।''

उन्होंने कहा, ''पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई, मजबूत कानूनी सुरक्षा उपाय, अधिक विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली, शैक्षणिक अवसरों का विस्तार और स्टार्टअप व नवाचार को लगातार समर्थन देने के माध्यम से सरकार का लक्ष्य हर युवा भारतीय को सशक्त बनाना और देश के भविष्य को मजबूत करना है।''

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनता का विश्वास लगातार सुधारों, कार्यों को पूरा करने और निर्णायक शासन के रिकॉर्ड पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि संसद में परीक्षा सुधारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया जाने वाला है। इसके साथ फास्ट ट्रैक अदालतें, पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कड़े दंड के प्रावधानों से सरकार छात्रों और अभिभावकों का भरोसा मजबूत कर रही है। साथ ही परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर आने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

आधार नंबर के पीछे प्रमुख भूमिका निभाने वाले नंदन नीलेकणि को टास्क फोर्स में शामिल करने का फैसला उस समय लिया गया, जब कथित पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ था।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि के अलावा इस टास्क फोर्स में इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा भी शामिल होंगे।


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