Top
Begin typing your search above and press return to search.

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का किया स्वागत, संस्थाओं के प्रति सम्मान का आग्रह

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के सर्वसम्मत स्पष्टीकरण का स्वागत किया और इसे भारत की संवैधानिक संस्थाओं की अखंडता और विश्वसनीयता की पुष्टि बताया।

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का किया स्वागत, संस्थाओं के प्रति सम्मान का आग्रह
X

नई दिल्ली। तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के सर्वसम्मत स्पष्टीकरण का स्वागत किया और इसे भारत की संवैधानिक संस्थाओं की अखंडता और विश्वसनीयता की पुष्टि बताया।

नायडू ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर जारी एक बयान में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी द्वारा जारी स्पष्टीकरण ने प्रक्रिया को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर कर दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एसआईआर से संबंधित निर्णय टीम ने सामूहिक रूप से और संस्थागत प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए लिए थे।

नायडू ने अल्पकालिक राजनीतिक लाभ के लिए भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में वैश्विक विश्वास को कमजोर करने के प्रयासों पर चिंता व्यक्त की और ऐसे प्रयासों को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि चुनावी परिणाम जनता के जनादेश को दर्शाते हैं और सच्चा नेतृत्व जीत और हार दोनों को विनम्रता से स्वीकार करने में निहित है।

टीडीपी प्रमुख ने संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सभी दलों के नेताओं की यह जिम्मेदारी है कि वे भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता के विश्वास को बनाए रखें। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कुछ राजनीतिक हलकों में चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची में संशोधन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

नायडू का बयान एनडीए के उस व्यापक रुख से मेल खाता है जिसमें गठबंधन द्वारा राजनीतिक रूप से प्रेरित हमलों के खिलाफ चुनाव आयोग की स्वायत्तता और विश्वसनीयता की रक्षा करने की बात कही गई है। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और एनडीए के प्रमुख सहयोगी नेता के रूप में नायडू का यह बयान आगामी चुनावों से पहले चुनावी प्रणाली में विश्वास को मजबूत करने के रूप में देखा जा रहा है।

चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण में इस बात पर जोर दिया गया कि चल रही एसआईआर प्रक्रिया निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार की गई है और बाहरी प्रभाव से मुक्त है। आयोग के रुख का सार्वजनिक रूप से समर्थन करके, नायडू ने स्वयं को और अपनी पार्टी को भारत के चुनावी लोकतंत्र की नींव रखने वाले संस्थागत ढांचे के साथ मजबूती से खड़ा किया।

उन्होंने दोहराया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास भारत की शासन प्रणाली का आधार है और इसे पक्षपातपूर्ण उद्देश्यों के लिए कमज़ोर नहीं किया जाना चाहिए। नायडू द्वारा राजनीतिक क्षेत्र में सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने के प्रयासों को बल देता है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it