राहुल गांधी के करीब 8 घंटे धरने के बाद पैलेट गन मामले में केस दर्ज, पुलिस ने सौंपी FIR की कॉपी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने के बाहर करीब आठ घंटे तक धरने पर बैठने के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र साहिल लोचब की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल छात्र साहिल लोचब की शिकायत पर FIR दर्ज की
- ‘200 से अधिक छर्रे, आंख की रोशनी गई’ – एफआईआर में दावा
- जंतर-मंतर प्रदर्शन में पैलेट गन से घायल छात्र
- एम्स रिपोर्ट: आंख में पैलेट से चोट, दृष्टि की संभावना बेहद कम
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन में घायल हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र साहिल लोचब की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। साहिल का आरोप है कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान उन पर पैलेट गन से हमला किया गया, जिससे उनकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई और शरीर में सैकड़ों छर्रे धंस गए।
शिकायत में क्या कहा गया
20 वर्षीय साहिल, जो नजफगढ़ के अग्रवाल कॉलोनी के निवासी हैं, ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें कई बार पैलेट से निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, नीली वर्दी पहने एक व्यक्ति बड़ी बंदूक से उन पर फायर कर रहा था। इसके बाद उन्हें गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा।
इलाज और मेडिकल रिपोर्ट
घायल साहिल को पहले लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया, फिर सफदरजंग और बाद में एम्स रेफर किया गया। एम्स की रिपोर्ट में साफ लिखा है कि उनकी आंख में पैलेट से चोट लगी है और रोशनी लौटने की संभावना बेहद कम है। डॉक्टरों ने सीटी स्कैन में उनके शरीर में 200 से अधिक धातु के छर्रे पाए हैं, जिनमें से कुछ आंख की नस के पास हैं और निकाले नहीं जा सकते।
एफआईआर में दर्ज विवरण
एफआईआर में कहा गया है कि साहिल शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल हुए थे, लेकिन उन्हें अपनी आंख गंवानी पड़ी। उन्होंने मांग की है कि घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित किए जाएं और अस्पतालों से उनके इलाज से जुड़े रिकॉर्ड जुटाए जाएं। साथ ही, ऑपरेशन के दौरान निकाले गए छर्रों की जांच कराई जाए।
राहुल गांधी का समर्थन
एफआईआर दर्ज होने के बाद साहिल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से राहुल गांधी और उनकी टीम लगातार उनके संपर्क में थे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहे।


