Delhi News: बृजकृष्ण चांदीवाला की स्मृति में होगा पहला व्याख्यान, प्रो. रामचंद्र गुहा देंगे व्याख्यान
बृजकृष्ण चांदीवाला स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रमुख गांधीवादी विचारक, स्वतंत्रता सेनानी और समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। उनका जीवन गांधीवादी मूल्यों, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के विचारों से प्रभावित रहा। महात्मा गांधी के साथ उनके निकट संबंधों का भी उल्लेख मिलता है।

नई दिल्ली। जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज अपने संस्थापक और गांधीवादी विचारक बृजकृष्ण चांदीवाला की स्मृति को समर्पित पहला व्याख्यान 3 सितंबर को आयोजित करने जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन मावलंकर हॉल, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में किया जाएगा। इस अवसर पर प्रसिद्ध इतिहासकार, लेखक और विचारक प्रो. रामचंद्र गुहा मुख्य व्याख्यान देंगे।
गांधीवादी विचार और सामाजिक सेवा की विरासत
बृजकृष्ण चांदीवाला स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रमुख गांधीवादी विचारक, स्वतंत्रता सेनानी और समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। उनका जीवन गांधीवादी मूल्यों, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के विचारों से प्रभावित रहा। महात्मा गांधी के साथ उनके निकट संबंधों का भी उल्लेख मिलता है। चांदीवाला ने गांधी जी के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कॉलेज की ओर से आयोजित यह व्याख्यान उनके विचारों और सार्वजनिक जीवन में योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रो. रामचंद्र गुहा रखेंगे अपने विचार
कार्यक्रम में इतिहासकार और लेखक प्रो. रामचंद्र गुहा अपने विचार साझा करेंगे। भारतीय इतिहास, राजनीति, समाज और गांधीवादी विचारधारा पर उनके लेखन और शोध को व्यापक स्तर पर जाना जाता है। ऐसे में उनके व्याख्यान से विद्यार्थियों, शिक्षकों और इतिहास तथा सामाजिक चिंतन में रुचि रखने वाले लोगों को महत्वपूर्ण दृष्टिकोण मिलने की उम्मीद है।
डाक विभाग के विशेष आवरण का होगा लोकार्पण
व्याख्यान से पहले भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी कॉलेज के विशिष्ट आवरण का लोकार्पण भी किया जाएगा। यह आवरण कॉलेज और उसके संस्थापक की विरासत को स्मरण करने के साथ-साथ संस्था के इतिहास को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य बृजकृष्ण चांदीवाला के गांधीवादी मूल्यों, सामाजिक सरोकारों और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को याद करना तथा उनके विचारों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना है।


