भाजपा को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, उसका काम ही दूसरे के घर में झांकना, लड़ाना, मुखबिर बैठाना और दखल देना है : उदित राज
कांग्रेस नेता उदित राज ने भाजपा के उस आरोप पर पलटवार किया है, जिसमें भाजपा ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी से पार्टी का विश्वास उठ रहा है, इसलिए प्रियंका को जिम्मेदारी दी गई है। इस पर उदित राज ने कहा कि भाजपा को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए

भाजपा को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए: उदित राज
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता उदित राज ने भाजपा के उस आरोप पर पलटवार किया है, जिसमें भाजपा ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी से पार्टी का विश्वास उठ रहा है, इसलिए प्रियंका को जिम्मेदारी दी गई है। इस पर उदित राज ने कहा कि भाजपा को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
नई दिल्ली में समाचार एजेंसी से बातचीत में कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा का काम ही दूसरे के घर में झांकना, लड़ाना, मुखबिर बैठाना और दखल देना है। यह कोई नैतिकता नहीं है। यह कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी मामला है।
उन्होंने कहा कि नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया, जबकि भाजपा में बड़े-बड़े नेता हैं। भाजपा को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, बड़े नेताओं को किनारे लगा दिया। कांग्रेस में ऐसा नहीं है।
प्रियंका गांधी को असम स्क्रीनिंग कमेटी की जिम्मेदारी दिए जाने पर उदित राज ने कहा कि वह हमारी नेता हैं। वह असम स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरपर्सन बनी हैं। उनका प्रभाव काफी व्यापक है। वह इलेक्टोरल पॉलिटिक्स में पूरी तरह आ जाएंगी-वह अभी भी हैं। वह चुनाव लड़वाएंगी और चयन करेंगी। इससे उनका अनुभव और बढ़ेगा।
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने के मामले पर उदित राज ने कहा कि अमेरिका ने 'लोकतंत्र बहाल करने' के नाम पर लीबिया और अफगानिस्तान में दखल दिया, लेकिन वहां सब तहस-नहस हो गया। सद्दाम हुसैन और गद्दाफी को मारने के बाद भी लोकतंत्र नहीं आया-देश ही करीब-करीब खत्म हो गए, लोग आपस में लड़ने लगे। उन्होंने कहा कि भारत और वेनेजुएला की तुलना नहीं की जा सकती, लेकिन कई देशों से तुलना संभव है। हर देश की परिस्थिति अलग होती है।
उदित राज ने कहा कि यह मामला तेल और ड्रग्स से जुड़ा है। माना कि वहां से ड्रग्स सप्लाई हो रही थी, अमेरिकी नागरिक प्रभावित हो रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए कि किसी दूसरे देश में जाकर ऐसे वहां के राष्ट्रपति को उठा लाएं। अंतरराष्ट्रीय कम्युनिटी चुप है, यूएन ने सावधानी से कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। भारत सरकार को भी इस पर बोलना चाहिए।
भारत में लोकतंत्र के मुद्दे पर उदित राज ने कहा कि भारत में लोकतंत्र वास्तव में खत्म हो रहा है-महाराष्ट्र में 70 सीटें निर्विरोध जीत लीं, निकाय चुनावों में पैसे देकर विपक्ष को तोड़ा गया, चुनाव आयोग भाजपा का लगता है, ईडी-सीबीआई को विपक्षी नेताओं के पीछे लगाया जाता है, न्यायपालिका पर दबाव है। लोकतंत्र की बहाली के लिए सभी को सोचना होगा, क्योंकि यह हर किसी के जीवन को प्रभावित करता है।
छत्तीसगढ़ और क्रिसमस विवाद पर उन्होंने कहा कि बिलकिस बानो मामले में भी यही हुआ-बड़ी कीमत चुकानी होगी। क्रिसमस के दौरान जो खलल पड़ा, वह अंतरराष्ट्रीय मंच का मुद्दा बन चुका है। अगर एक्शन लिया जाता तो बात बनती, लेकिन यहां प्रतिक्रिया नहीं मिली। दूसरे देशों में भारतीयों से नफरत बढ़ रही है। संघ-भाजपा के लोगों को क्या समझाएं? यह तो बस बांटने वाले हैं।
असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा कि 2014 चुनाव में सब कह रहे थे कि एक बार नरेंद्र मोदी पीएम बनेंगे तो लाहौर में घुसकर मारेंगे। कुछ तो करना ही चाहिए, अजहर मसूद को उठाकर लाए, कुछ तो करना चाहिए था। ट्रंप के कहने पर पाकिस्तान के साथ सीजफायर कर लिया। पहले कभी ऐसा नहीं होता था।


