असम स्क्रीनिंग कमेटी की जिम्मेदारी प्रियंका को सौंपे जाने को लेकर राहुल पर उठे सवाल, जवाब में तारिक अनवर बोले-गलत बात फैला रही है भाजपा
प्रियंका गांधी वाड्रा को असम स्क्रीनिंग कमेटी की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद राहुल गांधी को लेकर उठ रहे सवालों पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जो बात फैला रही है, वह गलत है

प्रियंका गांधी वाड्रा को असम की जिम्मेदारी के बाद राहुल गांधी पर उठे सवालों को तारिक अनवर ने बताया बेबुनियाद
नई दिल्ली। प्रियंका गांधी वाड्रा को असम स्क्रीनिंग कमेटी की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद राहुल गांधी को लेकर उठ रहे सवालों पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जो बात फैला रही है, वह गलत है।
एनडीए के नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं कि राहुल गांधी के नेतृत्व पर कांग्रेस का विश्वास टूट रहा है, इसलिए प्रियंका गांधी वाड्रा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, ""प्रियंका गांधी पिछले पांच सालों से महासचिव के तौर पर काम कर रही हैं। उन्हें समय-समय पर संगठन की जिम्मेदारियां दी गई हैं। उन्होंने पूरे देश में पार्टी के लिए काम किया है। इसलिए, भारतीय जनता पार्टी जो बात फैला रही है, वह गलत है।"
तारिक अनवर ने कहा, "पहले वह (प्रियंका गांधी) उत्तर प्रदेश की जनरल सेक्रेटरी इंचार्ज थीं। जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए थे, तो वह राज्य की प्रभारी थीं। यह दूसरी बार है जब उन्हें चुनाव से जुड़े किसी राज्य का प्रभार दिया गया है। वह असम में अपने राजनीतिक अनुभव और काबिलियत का इस्तेमाल करेंगी। असम में कांग्रेस की वापसी की पूरी संभावना है।"
इसी बीच, तारिक अनवर ने वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा, "अमेरिका ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह जो चाहे कर सकता है। मनमानी के मामले में कोई उनका मुकाबला नहीं कर सकता। पहले भी उन्होंने कई देशों पर ऐसे हमले किए हैं। वे वही करते हैं जो उन्हें करना होता है, क्योंकि उनके पास ताकत और शक्ति है। वे समय-समय पर इसे दिखाते रहते हैं।"
कांग्रेस सांसद ने कहा कि वेनेजुएला में जो हुआ, वह अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से सही नहीं है। अनवर ने कहा, "आप किसी भी देश के अंदरूनी मामलों में दखल कैसे दे सकते हैं? खासकर इस तरह से कि आप वहां के राष्ट्रपति और उनके परिवार को गिरफ्तार कर लें। अगर मामला लोकतंत्र को बचाने का था, तो उसके लिए इंटरनेशनल फोरम हैं। संयुक्त राष्ट्र और दूसरे फोरम हैं जहां इस पर चर्चा हो सकती थी, जहां बहस हो सकती थी।


