दिल्ली विश्वविद्यालय का एसोसिएट प्रोफेसर यौन उत्पीड़न के आरोप में निलंबित
दिल्ली विश्वविद्यालय के एक एसोसिएट प्रोफेसर को यौन उत्पीड़न के मामले में निलंबित कर दिया गया है

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के एक एसोसिएट प्रोफेसर को यौन उत्पीड़न के मामले में निलंबित कर दिया गया है। यह प्रोफेसर दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज बतौर और एसोसिएट प्रोफेसर कार्यरत था। एक महिला सहकर्मियों ने उस पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने कहा कि यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के आधार पर की गई सिफारिश के बाद डीयू ने आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया है। कुलपति का कहना है कि इस मामले की जांच की जाएगी। जहां एक और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह ने आरोपी प्रोफेसर के निलंबन की पुष्टि की है, वहीं आरोपी प्रोफेसर ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई निलंबन पत्र अभी तक नहीं मिला है।
कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज (सीवीएस) के ही कुछ अन्य शिक्षकों का कहना है कि आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के कई मामले सामने आए हैं। इन साथी शिक्षकों का कहना है कि तीन महिला शिक्षकों ने यह आरोप लगाए हैं। इनमें से एक रामजस कॉलेज से और दो सीवीएस से हैं। यौन उत्पीड़न के मामले दर्ज किए जाने के बाद शासी निकाय ने एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया था। समिति की सिफारिश के उपरांत अब आरोपी प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं दिल्ली सरकार की अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति ने शिक्षा विभाग से ईडब्ल्यूएस छात्रों का प्रवेश लेने से इन्कार करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। एससी एसटी कल्याण समिति के अध्यक्ष विशेष रवि का कहना है कि समिति के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने ईडब्ल्यूएस छात्रों का प्रवेश लेने से इन्कार करने वाले निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस जारी होने के बाद भी कुछ निजी स्कूलों ने ईडब्ल्यूएस छात्रों का प्रवेश नहीं लिया है और स्टेशनरी नहीं दी है। लिहाजा, समिति ने ऐसे निजी स्कूलों के खिलाफ शिकायत मिलने पर शिक्षा विभाग से एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। समिति के अध्यक्ष विशेष रवि कहा कि हमने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि दिल्ली सरकार की तरफ से निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
आम आदमी पार्टी के विधायक विशेष रवि की अध्यक्षता में एससी, एसटी कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चर्चा का मुख्य विषय यह रहा कि निजी स्कूलों द्वारा ईडब्ल्यूएस छात्रों का प्रवेश, जो शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रस्तावित किए गए थे, उन्हें इन्कार कर दिया गया था और ए ईडब्ल्यूएस श्रेणी के छात्रों को मुफ्त किताबें, यूनिफार्म और स्टेशनरी प्रदान करने से मना कर दिया।
दिल्ली सरकार के मुताबिक पूरी दिल्ली से ऐसे छात्रों के अभिभावकों ने एसटी कल्याण समिति से अपनी शिकायत दर्ज कराई है कि उनके बच्चों को ईडब्ल्यूएस के अंतर्गत प्रवेश और मुफ्त स्टेशनरी नहीं मिल रही है। इस आधार पर अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति की पहली बैठक 30 मई 2022 को हुई थी और समिति के अध्यक्ष विशेष रवि ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी ईडब्ल्यूएस-डीजी छात्रों के लिए प्रवेश सुनिश्चित करें, जिनके नाम ईडब्ल्यूएस ड्रॉ में आए थे और यह भी सुनिश्चित करें कि निजी स्कूल नियमानुसार मुफ्त स्टेशनरी, किताबें और वर्दी सभी छात्रों को उपलब्ध कराएं।


