हरियाणा कांग्रेस के नए प्रभारी का पार्टी नेताओं ने किया स्वागत, संगठन को मजबूत करने पर जोर
हरियाणा कांग्रेस के नए प्रभारी संजय दत्त के पदभार संभालने के बाद पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। बुधवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया।

चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस के नए प्रभारी संजय दत्त के पदभार संभालने के बाद पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। बुधवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया।
कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी शैलजा ने उम्मीद जताई कि संजय दत्त के लंबे संगठनात्मक अनुभव का लाभ हरियाणा कांग्रेस को मिलेगा। साथ ही, नेताओं ने राज्य सरकार की कार्यशैली, मानसून की तैयारियों, जलभराव, पेयजल संकट, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा।
कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने संजय दत्त की नियुक्ति पूरी सोच-विचार के बाद की है। संजय दत्त संगठन के अनुभवी नेता हैं और इससे पहले कई राज्यों में सह-प्रभारी के रूप में काम कर चुके हैं। उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव की हरियाणा कांग्रेस को आवश्यकता है। अगले पांच दिनों तक लगातार विभिन्न स्तरों पर बैठकों का कार्यक्रम तय किया गया है। इनमें जिला कांग्रेस अध्यक्षों, फ्रंटल संगठनों, चुनाव लड़ चुके उम्मीदवारों और अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग बैठकें होंगी। इन बैठकों का उद्देश्य प्रदेश कांग्रेस की जमीनी स्थिति, संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की राय को समझना है।
बृजेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश प्रभारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के प्रतिनिधि होते हैं और उनका मुख्य दायित्व कार्यकर्ताओं तथा नेताओं से संवाद स्थापित करना होता है। संजय दत्त सभी से मुलाकात करेंगे, उनकी बातें सुनेंगे और उसके आधार पर भविष्य की रणनीति तैयार करेंगे। इसके बाद संगठन को मजबूत करने, पार्टी कार्यक्रमों को गति देने और आपसी समन्वय बढ़ाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि नए प्रभारी संजय दत्त की यह हरियाणा प्रदेश कांग्रेस की पहली औपचारिक पूर्ण बैठक है। उन्होंने कहा कि बैठक के बाद संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। संजय दत्त के हरियाणा दौरे पर दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि यह पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत है। लगातार जिलों का दौरा करने और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करने से नए प्रभारी प्रदेश की राजनीतिक और संगठनात्मक जमीनी हकीकत को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। इसे संगठन के लिए एक अच्छा कदम बताया।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी शैलजा ने कहा कि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस की जनरल बॉडी की बैठक में नए प्रभारी संजय दत्त शामिल हुए हैं। संजय दत्त को हरियाणा का दायित्व सौंपा है, उनके अनुभव से कांग्रेस संगठन को नई मजबूती मिलेगी। संजय दत्त ने स्वयं भी संकेत दिया है कि वे अलग-अलग जिलों का दौरा करेंगे और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे। कांग्रेस का लक्ष्य भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता के मुद्दों को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाना है। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे संसद से लेकर सड़क तक लगातार जनता की आवाज उठाते रहे हैं और अब हरियाणा में भी इन मुद्दों को और प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।
भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कुमारी शैलजा ने कहा कि हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है, जबकि गर्मियों में प्रदेश के कई हिस्सों में पेयजल संकट गहरा जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक दशक से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद यदि सरकार इन बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं कर पाई है तो यह उसकी नीतिगत विफलता को दर्शाता है। सरकार के पास न तो बाढ़ प्रबंधन की प्रभावी योजना दिखाई देती है और न ही जल संकट से निपटने की तैयारी। प्रदेश के कई इलाकों में कहीं बाढ़ तो कहीं सूखे जैसी स्थिति देखने को मिलती है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कुमारी शैलजा ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के शहर गुरुग्राम और फरीदाबाद का उल्लेख करते हुए कहा कि थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कों पर जलभराव हो जाता है और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। शहरी विकास और आधारभूत सुविधाओं के दावों के बावजूद नगरों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। वहीं, युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद लगातार सामने आ रहे हैं। सरकार इन समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं दिखाई दे रही है।


