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पीसीएस परीक्षा विवाद पर बिक्रम मजीठिया ने उठाए सवाल, कांग्रेस-भाजपा से एकजुट होने की अपील

शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सिविल सर्विसेज (पीसीएस) मेन्स 2025 परीक्षा और नीट 2026 परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के बीच समानताएं बताईं

पीसीएस परीक्षा विवाद पर बिक्रम मजीठिया ने उठाए सवाल, कांग्रेस-भाजपा से एकजुट होने की अपील
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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने शुक्रवार को पंजाब सिविल सर्विसेज (पीसीएस) मेन्स 2025 परीक्षा और नीट 2026 परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के बीच समानताएं बताईं। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस, भाजपा और कॉकरोच जनता पार्टी से अपील की कि वे इसके खिलाफ एकजुट हो जाएं।

पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी) की मुख्य परीक्षा के नतीजे 4 नवंबर को घोषित किए गए। नतीजों की घोषणा के तुरंत बाद ही उम्मीदवारों ने इसमें अनियमितताओं, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से ​​बात करते हुए मजीठिया ने कहा, "आज मैं सभी से, कांग्रेस, भाजपा और सीजेपी से, अपील करता हूं कि अगर जंतर-मंतर पर नीट एक बड़ा मुद्दा बन सकता है, तो पंजाब में पीसीएस की यह भर्ती भी एक बड़ा मुद्दा बननी चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा कि चाहे आम आदमी पार्टी (आप) हो या कोई और, किसी को भी यह हक नहीं है कि वह योग्य उम्मीदवारों को दरकिनार कर दे और महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर अयोग्य लोगों को बिठा दे, खासकर इसलिए क्योंकि इन्हीं पदों पर बैठे लोगों को आने वाले समय में पंजाब की दिशा और दशा तय करनी है।

आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल की ओर इशारा करते हुए मजीठिया ने कहा, "दिल्ली में बैठे लोग पंजाब की भर्ती प्रक्रिया में दखल नहीं दे सकते, क्योंकि यह राज्य से जुड़ा मामला है।"

हालांकि, एसएडी नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा पास करने वाले सभी लोगों पर शक नहीं किया जाना चाहिए।

परीक्षा परिणामों पर सवाल उठाने वाले उम्मीदवारों की चिंताओं का जिक्र करते हुए मजीठिया ने कहा, "इनमें से कुछ गोल्ड मेडलिस्ट हैं, कुछ ऐसे भी हैं जिनके माता-पिता नहीं हैं। उन्होंने कितना संघर्ष किया होगा, कितनी हिम्मत दिखाई होगी, और अब वे कह रहे हैं कि इस परीक्षा में कोई पारदर्शिता नहीं थी।"

उन्होंने दावा किया कि आप के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के कार्यकाल में नौ से दस ऐसी भर्तियां हुई हैं, जिन पर या तो कोर्ट ने रोक लगा दी है, या फिर उनकी विजिलेंस जांच (सतर्कता जांच) हो रही है, या फिर पेपर लीक, नकल या अन्य कारणों से उन्हें रद्द कर दिया गया है।

पीसीएस परीक्षा की सीबीआई जांच की छात्रों की मांग को दोहराते हुए उन्होंने नेता ने कहा: "अगर राजपत्रित (गजटेड) अधिकारियों की भर्ती में भी गड़बड़ियां होती हैं, तो इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए... हम जल्द ही हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।"

इस बीच, भाजपा ने भी गुरुवार को पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी) की मुख्य परीक्षा में गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने आप सरकार पर आरोप लगाया कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के इशारे पर एक पेपर लीक माफिया चलाया जा रहा है।


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