एसआईपी निवेश रिकॉर्ड में 32,490 करोड़ रुपए की हुई बढ़ोतरी
मुंबई, म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेश सितंबर में नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

मुंबई, म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेश सितंबर में नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। एम्फी यानी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में एसआईपी के माध्यम से 32,490 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जो अगस्त के 32,297 करोड़ रुपए के पिछले रिकॉर्ड से भी अधिक है।
सितंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में भी निवेश मजबूत रहा। इक्विटी फंड्स में शुद्ध निवेश बढ़कर 38,307 करोड़ रुपए हो गया, जबकि अगस्त में यह 29,328 करोड़ रुपए था। यानी महीने-दर-महीने आधार पर इसमें लगभग 30.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग में कुल मिलाकर निकासी का दबाव देखने को मिला।
सितंबर के अंत तक म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 82.64 लाख करोड़ रुपए रहा, जो अगस्त में 87.08 लाख करोड़ रुपए था।
श्रेणीवार देखें तो स्मॉल कैप फंड्स में निवेश बढ़कर 9,039 करोड़ रुपए हो गया, जो अगस्त में 7,973 करोड़ रुपए था। वहीं मिड कैप फंड्स में निवेश 6,989 करोड़ रुपए से बढ़कर 7,835 करोड़ रुपए पहुंच गया।
फ्लेक्सी कैप फंड्स में 6,702 करोड़ रुपए का निवेश आया, जबकि अगस्त में यह 5,059 करोड़ रुपए था। सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में भी निवेश बढ़कर 3,640 करोड़ रुपए हो गया, जो अगस्त में 1,713 करोड़ रुपए था।
लार्ज कैप फंड्स में सितंबर में 859 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया, जो अगस्त के 1,147 करोड़ रुपए के आउटफ्लो के मुकाबले बड़ी वापसी मानी जा रही है। वहीं मल्टी एसेट अलोकेशन फंड्स में 3,667 करोड़ रुपए का निवेश आया, जो अगस्त के 3,671 करोड़ रुपए के लगभग बराबर है।
हालांकि मजबूत एसआईपी और इक्विटी निवेश के बावजूद पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग में सितंबर के दौरान 1.33 लाख करोड़ रुपए का शुद्ध आउटफ्लो दर्ज किया गया। अगस्त में उद्योग में 41,353 करोड़ रुपए का शुद्ध इनफ्लो आया था।
इस आउटफ्लो का मुख्य कारण डेट (फिक्स्ड इनकम) फंड्स रहे। सितंबर में डेट फंड्स से 1.83 लाख करोड़ रुपए की निकासी हुई, जबकि अगस्त में इनसे 8,127 करोड़ रुपए का आउटफ्लो हुआ था।
आंकड़ों से स्पष्ट है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा इक्विटी म्यूचुअल फंड्स और एसआईपी के प्रति लगातार मजबूत बना हुआ है। खासकर स्मॉल कैप, मिड कैप और फ्लेक्सी कैप योजनाओं में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है।


