आईपीओ से पहले एनएसई में बिकवाली की राय
मुंबई, देश के सबसे बड़े एक्सचेंज एनएसई पर इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) से पहले एक ब्रोकरेज फर्म ने बिकवाली की राय दी है।

मुंबई, देश के सबसे बड़े एक्सचेंज एनएसई पर इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) से पहले एक ब्रोकरेज फर्म ने बिकवाली की राय दी है। फर्म ने इसकी वजह एक्सचेंज के गिरते ट्रेडिंग वॉल्यूम को बताया है, जिससे उसके मार्केट शेयर में गिरावट आ रही है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) आईपीओ लाने की तैयारी कर रहा है। आमतौर पर ब्रोकरेज फर्म आईपीओ से पहले किसी फर्म की कवरेज नहीं शुरू करती है। इस कारण इस राय को काफी रेयर माना जा रहा है।
स्थानीय ब्रोकरेज फर्म दौलत कैपिटल मार्केट प्राइवेट लिमिटेड ने एनएसई की कवरेज शुरू कर 'बिकवाली' की राय देते हुए कहा कि देश के सबसे बड़े नियामक की इक्विटी डेरिवेटिव्स मार्केट में ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट आ रही है, जिससे बाजार हिस्सेदारी पर असर हो रहा है। ऐसे में ऊंचे वैल्यूएशन को बनाए रखने के ग्रोथ की बहुत कम जगह बचती है।
दौलत कैपिटल ने एनएसई के लिए टारगेट प्राइस 1,550 रुपए तय किया है, जो कि अनलिस्टेड मार्केट में चल रहे शेयर प्राइस 2,085 रुपए से 26 प्रतिशत नीचे है।
एनएसई का परिचालन प्रदर्शन हाल के वर्षों में कमजोर हुआ है। कंपनी की आय का मुख्य स्रोत ट्रांजैक्शन चार्जेज से लेकर क्लियरिंग एंड सेटलमेंट सर्विसेज से आय में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास एनएसई की ओर से जमा की रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में दिए आंकड़ों के मुताबिक, देश के सबसे बड़े एक्सचेंज की कुल परिचालन से आय वित्त वर्ष 2026 में 16,601.30 करोड़ रुपए थी। वहीं, वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 17,140.67 करोड़ रुपए पर था, जो कि सालाना आधार पर तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट को दिखाता है।
बड़ी बात यह है कि इस दौरान कंपनी की आय का मुख्य स्रोत ट्रांजैक्शन चार्जेज में भी गिरावट देखी गई है, जो कि समीक्षा अवधि में 13,635.76 करोड़ रुपए से घटकर 13,057.01 करोड़ रुपए पर आ गया है। यह आंकड़ा सालाना आधार पर चार प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है।


