आरबीआई के कदमों और कच्चे तेल में नरमी से रुपया मजबूत
नई दिल्ली, भारतीय रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 32 पैसे मजबूत होकर 94.85 पर पहुंच गया।

नई दिल्ली, भारतीय रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 32 पैसे मजबूत होकर 94.85 पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के विदेशी मुद्रा प्रबंधन संबंधी उपायों और डॉलर की कमजोरी के चलते रुपए में हालिया मजबूती का सिलसिला जारी रहा। घरेलू मुद्रा ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.91 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की।
रुपए को विदेशी मुद्रा बाजार में आरबीआई के संरचनात्मक हस्तक्षेपों, तरलता को नियंत्रित करने वाले कदमों और कारोबारियों द्वारा लंबी अवधि की डॉलर पोजीशन कम किए जाने से समर्थन मिला है। अक्टूबर की शुरुआत में आरबीआई ने रुपए के खिलाफ सट्टेबाजी को सीमित करने के उद्देश्य से विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव्स कारोबार से जुड़े नियमों को और कड़ा किया था। इसके साथ ही बैंकों से कहा गया था कि 20 लाख डॉलर से अधिक की डॉलर खरीद पर 20 प्रतिशत का रिजर्व तैयार रखें।
डेरिवेटिव्स बाजार से जुड़े एक अन्य कदम के तहत आरबीआई ने कहा था कि अधिकृत डीलर किसी भी ऐसे विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव अनुबंध, जिसमें भारतीय रुपया शामिल हो, चाहे वह डिलीवेरेबल हो या नॉन-डिलीवेरेबल, अगर उसे रद्द किया जा चुका है तो उसे दोबारा बुक करने की अनुमति नहीं देंगे। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 19 पैसे की मजबूती के साथ 95.16 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
विशेषज्ञों के अनुसार, रुपया अब 95.50-95.00 के ट्रेडिंग दायरे से निर्णायक रूप से बाहर निकल चुका है और अगला महत्वपूर्ण स्तर 94.80 के आसपास माना जा रहा है। यदि रुपया इस स्तर से नीचे टिकता है तो इसमें और मजबूती की गुंजाइश बन सकती है। तेल विपणन कंपनियों की ओर से डॉलर की मांग में कमी और बाजार की बेहतर धारणा भी इसे समर्थन दे सकती है। रुपए को वैश्विक स्तर पर मिले सकारात्मक संकेतों से भी सहारा मिला है।
करेंसी विश्लेषकों का अनुमान है कि 2026 के अंत तक रुपया डॉलर के मुकाबले 95.60 से 97.50 के दायरे में कारोबार कर सकता है, जबकि अधिकांश अनुमान 96 से 97 प्रति डॉलर के स्तर के आसपास हैं। प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स गिरकर 101.99 पर आ गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 2 प्रतिशत गिरकर 104.30 डॉलर प्रति बैरल रह गया। घरेलू शेयर बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ 73,836.71 पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि निफ्टी 300 अंकों की बढ़त के साथ 22,929.55 के स्तर पर पहुंच गया।


