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फोनपे और डीपीसीजीसी के बीच साझेदारी

नई दिल्ली, डिजिटल भुगतान कंपनी फोनपे और इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) के अंतर्गत काम करने वाली स्व-नियामक संस्था डिजिटल पब्लिशर कंटेंट ग्रीवेंस काउंसिल (डीपीसीजीसी) ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य फोनपे के भुगतान गेटवे से जुड़ने वाले सभी व्यापारियों के लिए स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) का प्रमाणन आसान बनाना, नियामकीय नियमों के पालन को बढ़ावा देना और व्यापारियों को इस संबंध में जागरूक करना है।

फोनपे और डीपीसीजीसी के बीच साझेदारी
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नई दिल्ली, डिजिटल भुगतान कंपनी फोनपे और इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) के अंतर्गत काम करने वाली स्व-नियामक संस्था डिजिटल पब्लिशर कंटेंट ग्रीवेंस काउंसिल (डीपीसीजीसी) ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य फोनपे के भुगतान गेटवे से जुड़ने वाले सभी व्यापारियों के लिए स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) का प्रमाणन आसान बनाना, नियामकीय नियमों के पालन को बढ़ावा देना और व्यापारियों को इस संबंध में जागरूक करना है।

भारत में लागू नियमों के तहत ओवर-द-टॉप (ओटीटी) मंचों और ऑनलाइन चुने गए कंटेंट के प्रकाशकों (ओसीसीपी) के लिए शिकायतों के निवारण के उद्देश्य से किसी मान्यता प्राप्त स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) का सदस्य होना कानूनी रूप से अनिवार्य है। फोनपे अपने व्यापारी पंजीकरण की प्रक्रिया में इस नियामकीय आवश्यकता को अनिवार्य शर्त के रूप में लागू करता है।

डीपीसीजीसी सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत गठित दूसरे स्तर की स्व-नियामक संस्था है, जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ पंजीकृत है।

इस समझौते के माध्यम से फोनपे और डीपीसीजीसी का उद्देश्य ओटीटी मंचों तथा ऑनलाइन कंटेंट के प्रकाशकों के बीच नियामकीय नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। दोनों संस्थाओं ने माना कि इस क्षेत्र में काम करने वाले कई व्यापारियों को एसआरओ की सदस्यता और उससे जुड़ी आवश्यकताओं की पर्याप्त जानकारी नहीं है।

ऐसे में यह संयुक्त पहल मौजूदा और नए व्यापारियों को लागू नियमों की जानकारी देगी और डीपीसीजीसी के माध्यम से उनके एसआरओ प्रमाणन की प्रक्रिया को आसान बनाएगी। इस साझेदारी से तेजी से बढ़ते ओटीटी क्षेत्र में फोनपे की एक भरोसेमंद, मजबूत और नियमों का पालन करने वाले भुगतान भागीदार के रूप में स्थिति भी मजबूत होने की उम्मीद है।

आईएएमएआई के अध्यक्ष डॉ. सुभो रे ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत स्थापित डीपीसीजीसी स्व-नियमन के माध्यम से ओटीटी मंचों से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं का प्रभावी समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि डीपीसीजीसी और फोनपे के बीच यह सहयोग आचार संहिता के बेहतर अनुपालन को बढ़ावा देगा। इससे स्व-नियमन का दायरा बढ़ेगा और इसके लाभ उद्योग के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं तक भी पहुंचेंगे।

फोनपे के पेमेंट हेड दीप अग्रवाल ने कहा, "कंपनी के लिए नियमों का पालन और ग्राहकों का भरोसा उसकी सभी सेवाओं के मूल में हैं। पिछले कुछ वर्षों में ओटीटी क्षेत्र का विस्तार और पहुंच तेजी से बढ़ी है।"

उन्होंने आगे कहा कि डीपीसीजीसी के साथ हुआ यह समझौता ओटीटी मंचों को जागरूक करने और ग्राहकों की शिकायतों के निवारण से जुड़े नियमों की समझ बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे भारत के तेजी से बढ़ते ओटीटी क्षेत्र को अधिक जागरूकता, नियामकीय अनुपालन और भरोसे के साथ आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी।


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