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एनएसई के शेयर आईपीओ इश्यू प्राइस में हुई गिरावट

मुंबई, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) के हाल ही में सूचीबद्ध हुए शेयर सोमवार को अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के इश्यू प्राइस से नीचे फिसल गए। इसके साथ ही, शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद अपने उच्चतम स्तर से इनमें 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

एनएसई के शेयर आईपीओ इश्यू प्राइस में हुई गिरावट
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मुंबई, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) के हाल ही में सूचीबद्ध हुए शेयर सोमवार को अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के इश्यू प्राइस से नीचे फिसल गए। इसके साथ ही, शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद अपने उच्चतम स्तर से इनमें 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

सुबह के कारोबार में एनएसई का शेयर 1,767 रुपए पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट है।

शेयर ने सुबह करीब 10 बजे 1,761 रुपए का इंट्राडे लो बनाया। यह इश्यू प्राइस से 1.34 प्रतिशत और बीएसई पर दर्ज 1,878 रुपए के उच्चतम स्तर से 6.23 फीसदी नीचे था।

दोपहर 11:30 बजे एनएसई का शेयर मामूली रिकवरी के साथ 1,771 रुपए पर था।

इसके अलावा, शेयर 1,800 रुपए पर सूचीबद्ध हुआ था, जो कि इसके इश्यू प्राइस 1,785 रुपए से अधिक था। इसी दिन शेयर ने 1,878 रुपए का ऑल-टाइम हाई बनाया था।

इससे पहले के कारोबारी सत्र में भी शेयर 0.56 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ था। यह लिस्टिंग प्राइस से मामूली ऊपर था।

एनएसई का 22,561.57 करोड़ रुपए का आईपीओ वर्ष 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपए के आईपीओ के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम था।

लिस्टिंग के बाद एनएसई का बाजार पूंजीकरण करीब 4.49 लाख करोड़ रुपए है। इसके साथ एनएसई भारत की 10वीं सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी बन गई है और बाजार पूंजीकरण के मामले में सन फार्मास्युटिकल्स और टाइटन जैसी दिग्गज कंपनियों से आगे है।

एक्सचेंज का आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुला था और इसे 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।

एक्सचेंज को अपने राजस्व का एक बड़ा हिस्सा ट्रांजैक्शन चार्ज से मिलता है। वित्त वर्ष 2026 में इसके परिचालन से प्राप्त राजस्व में ट्रांजैक्शन चार्ज की हिस्सेदारी 78.65 फीसदी थी।


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