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कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते लाल निशान में खुला बाजार

मुंबई, हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सुस्त शुरुआत की। यह लगातार छठा दिन है जब बाजार में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं इस हफ्ते का गिरावट का यह लगातार दूसरा दिन है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के चलते बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते लाल निशान में खुला बाजार
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मुंबई, हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सुस्त शुरुआत की। यह लगातार छठा दिन है जब बाजार में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं इस हफ्ते का गिरावट का यह लगातार दूसरा दिन है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के चलते बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

दिन के शुरुआत में सेंसेक्स 122.37 अंक यानी 0.17 प्रतिशत गिरकर 73,484.38 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 44.40 अंक यानी 0.20 प्रतिशत गिरकर 22,708.80 पर खुला।

दिन के कारोबार में एक समय सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,606.75 से 395.99 अंक यानी 0.53 प्रतिशत फिसलकर 73,210.76 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद भाव 22,753.20 से 100 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 22,653.20 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।

व्यापक बाजारों ने प्रमुख बेंचमार्कों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.6 प्रतिशत की तेजी आई और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.54 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

वहीं सेक्टरवार देखें तो, शुरुआती कारोबार में आईटी, सीमेंट और ऑयल एंड गैस शेयरों में बिकवाली देखी गई, जबकि फार्मा, हेल्थकेयर और पीएसयू बैंकों में खरीदारी हुई।

निफ्टी आईटी में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि निफ्टी सीमेंट 0.98 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.53 प्रतिशत नीचे आ गए। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.68 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 0.44 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर में 0.39 प्रतिशत की तेजी रही।

मुद्रा बाजार में, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 2 पैसे बढ़कर 95.17 पर खुला, जबकि पिछले दिन यह 95.19 के स्तर पर बंद हुआ था।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेंट क्रूड का 114 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहना और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 4.97 प्रतिशत के आसपास रहना, निकट भविष्य में बाजार के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं।

विश्लेषकों ने कहा, "मौजूदा कठिन आर्थिक माहौल में एफआईआई जोखिम लेने से बचेंगे (रिस्क-ऑफ मोड में रहेंगे)। हालांकि, कॉर्पोरेट सेक्टर के बेहतर होते फंडामेंटल्स - जो दूसरी तिमाही की कमाई में दिख रहे हैं - और घरेलू फंडों का मजबूत प्रवाह बाजार को सपोर्ट देना जारी रखेगा।"

विशेषज्ञों ने आगे कहा, "निफ्टी 50 के लिए 22,690 के स्तर के पास रिकवरी की कोशिशें और नरमी, दोनों ही उम्मीद के मुताबिक हैं। जब तक गिरावट 22,630 के स्तर से ऊपर बनी रहती है, तब तक हम तेजी की उम्मीद रखेंगे। हमारा लक्ष्य 23,000 या 23,500 तक पहुंचने का होगा, हालांकि 22,800-22,900 के दायरे में आने पर उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) देखने को मिल सकती है।"

उन्होंने आगे कहा कि अगर बाजार 22,630 के स्तर से ऊपर नहीं टिक पाता है, तो यह 22,250-22,000 के स्तर तक जा सकता है, लेकिन बड़ी गिरावट की संभावना कम है।

इसके अलावा, सोमवार को एफआईआई शुद्ध बिकवाल (नेट सेलर्स) रहे और उन्होंने 1,462 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इसके विपरीत, डीआईआई ने लगातार 10वें सत्र में खरीदारी जारी रखी और 2,609 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। वैश्विक स्तर पर, अमेरिकी बाजार कल रात बढ़त के साथ बंद हुए; एसएंडपी 500 में 0.7 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.82 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, लगातार भू-राजनीतिक तनाव और रुपये की निरंतर कमजोरी के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं। साप्ताहिक और मासिक डेरिवेटिव की समाप्ति के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव अधिक रहने की संभावना है। साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक और चल रहे दूसरी तिमाही के नतीजों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।


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