Top
Begin typing your search above and press return to search.

आईटी और रियल्टी शेयरों के सहारे सपाट खुला बाजार

मुंबई, सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सपाट शुरुआत की।

आईटी और रियल्टी शेयरों के सहारे सपाट खुला बाजार
X

मुंबई, सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सपाट शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में आईटी और रियल्टी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को समर्थन मिला।

कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 27.05 अंक या 0.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 71,951.73 पर खुला। वहीं निफ्टी 0.80 अंक की मामूली बढ़त के साथ 22,364.15 पर कारोबार शुरू करने में सफल रहा।

हालांकि कुछ ही देर बाद बाजार में और तेजी देखने को मिली और सेंसेक्स 72,370.16 के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले बंद 71,924.68 से 445.48 अंक यानी 0.61 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है।

वहीं, निफ्टी 50 ने खबर लिखे जाने तक 22,523.65 का दिन का उच्चतम स्तर टच किया, जो उसके पिछले बंद 22,363.35 से 160.3 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की तेजी को दर्शाता है।

व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप में 0.3 प्रतिशत की तेजी तो निफ्टी स्मॉलकैप में 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल सूचकांकों में निफ्टी आईटी, निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम तथा निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। इन सूचकांकों में करीब 2 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.31 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 0.22 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.20 प्रतिशत मजबूत रहे।

दूसरी ओर, हेल्थकेयर और फार्मा शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर, निफ्टी 500 हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांक में 0.75 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल नकद बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की खरीदारी का रुझान जारी रहने की संभावना है। उनका मानना है कि अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.2 प्रतिशत से ऊपर बने रहने के कारण एफआईआई निकट अवधि में बिकवाली जारी रख सकते हैं।

हालांकि सितंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में रिकॉर्ड 38,307 करोड़ रुपए के शुद्ध निवेश ने घरेलू संस्थागत निवेशकों को मजबूत आधार दिया है, जिससे वे विदेशी निवेशकों की बिकवाली को काफी हद तक संतुलित कर पा रहे हैं।

विशेषज्ञों ने कहा कि 5.54 प्रतिशत सीपीआई महंगाई, 7.74 प्रतिशत खाद्य महंगाई और 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ब्रेंट क्रूड के स्तर को देखते हुए दिसंबर में आरबीआई द्वारा एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना मजबूत बनी हुई है। उनका मानना है कि इससे बैंकिंग क्षेत्र के मार्जिन को समर्थन मिल सकता है।

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, बाजार की रिकवरी की संरचना कुछ कमजोर हुई है, लेकिन सोमवार की गिरावट हालिया निचले स्तर को तोड़े बिना रुक गई, जिससे अल्पकालिक उछाल की उम्मीद बनी हुई है।

विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी को मजबूती दिखाने के लिए 22,435 के स्तर के ऊपर निकलना होगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो सूचकांक 22,070 से 21,900 के दायरे की ओर फिसल सकता है।

इस बीच, एशियाई बाजारों में कमजोरी का रुख देखने को मिला क्योंकि तीसरी तिमाही के नतीजों से पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

अमेरिकी बाजार में सोमवार को नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुआ। सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद तेल कीमतों में उछाल आया, जबकि निवेशक बैंकिंग क्षेत्र की तिमाही आय और इस सप्ताह आने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it