तीसरे सत्र में हरे निशान में बाजार बंद
मुंबई, वैश्विक बाजार के मिले-जुले संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ।

मुंबई, वैश्विक बाजार के मिले-जुले संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र है जब घरेलू बाजार में तेजी देखने को मिली है।
सेंसेक्स 166.49 अंक यानी 0.21 प्रतिशत बढ़कर 78,094.64 पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी50 66.45 अंक यानी 0.27 प्रतिशत उछलकर 24,383.60 पर बंद हुआ।
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप दोनों 0.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
सेक्टरवार देखें तो, इसका प्रदर्शन कुल मिलाकर सकारात्मक रहा, जिसमें निफ्टी मीडिया 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाला सेक्टर रहा। इसके बाद निफ्टी ऑटो (1.64 प्रतिशत), निफ्टी ऑयल एंड गैस (1 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (0.72 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (0.47 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (0.33 प्रतिशत) और निफ्टी रियल्टी (0.22 प्रतिशत) का स्थान रहा। वहीं, निफ्टी आईटी में 1.56 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बन गया। इसके अलावा, निफ्टी एफएमसीजी में 1.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक चिप शेयरों में उछाल के चलते निफ्टी आईटी की पांच दिन की लगातार बढ़त का सिलसिला टूट गया।
निफ्टी 50 इंडेक्स में, बजाज फाइनेंस (8.3 प्रतिशत), बजाज फिनसर्व (6.3 प्रतिशत), जियो फाइनेंशियल (3.7 प्रतिशत) और एमएंडएम (3.3 प्रतिशत) के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा, श्रीराम फाइनेंस, टीएमपीवी, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील और एचडीएफसी लाइफ के शेयरों में भी 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली, जबकि इसके विपरीत टीसीएस, इटरनल, इंफोसिस, मैक्स हेल्थकेयर, आईटीसी और विप्रो के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पिछले सत्र के 483 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 486 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे निवेशकों को एक ही सत्र में लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का लाभ हुआ।
सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों में जुलाई में 2 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे लगातार दूसरे महीने बढ़त जारी रही।
हालांकि, साल की शुरुआत से अब तक निफ्टी में 7 प्रतिशत की गिरावट आई है, और 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।
पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजों से बाजार में तेजी आ रही है। हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका में बढ़ती ब्याज दर के कारण बढ़त सीमित बनी हुई है।
एक मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि घरेलू बाजार में सकारात्मक गति जारी रही, हालांकि उच्च स्तर पर मुनाफावसूली देखने को मिली, क्योंकि उच्च ब्याज दर और संभावित ब्याज दर वृद्धि की चिंताओं के बीच सतर्कता बनी रही। आर्थिक सुधार की स्थिरता काफी हद तक मौजूदा वित्तीय रिपोर्ट पर निर्भर करेगी, जो फिलहाल पूर्वानुमानों से बेहतर प्रदर्शन कर रही है, और वैश्विक जोखिमों में कमी पर भी निर्भर करेगी।


