Top
Begin typing your search above and press return to search.

जर्मन कंपनियों के लिए भारत में बड़े अवसर: पीयूष गोयल

नई दिल्ली, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में कई प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं के साथ बैठकों के दौरान कहा कि भारत जर्मन कंपनियों के लिए निवेश, विनिर्माण और नवाचार के क्षेत्र में अपार अवसर प्रदान करता है।

जर्मन कंपनियों के लिए भारत में बड़े अवसर: पीयूष गोयल
X

नई दिल्ली, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में कई प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं के साथ बैठकों के दौरान कहा कि भारत जर्मन कंपनियों के लिए निवेश, विनिर्माण और नवाचार के क्षेत्र में अपार अवसर प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के पास विश्वास, प्रतिस्पर्धात्मकता और एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं पर आधारित एक मजबूत आर्थिक साझेदारी बनाने का सुनहरा अवसर है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने फ्रेसेनियस ग्रुप के सीईओ माइकल सेन के साथ भी बैठक की। दोनों पक्षों ने भारत के तेजी से बढ़ते स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र, गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा सेवाओं की मांग तथा मजबूत विनिर्माण क्षमता का लाभ उठाकर सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की।

गोयल ने कहा कि भारत की कुशल प्रतिभा और विश्वस्तरीय उत्पादन क्षमता का उपयोग कर जर्मन कंपनियां न केवल भारतीय बल्कि वैश्विक बाजारों की जरूरतों को भी पूरा कर सकती हैं।

उन्होंने एक्स पर लिखा, "फ्रेसेनियस ग्रुप के सीईओ श्री माइकल सेन के साथ एक सार्थक बैठक हुई। भारत के तेजी से बढ़ते स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र, गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा समाधानों की बढ़ती मांग और मजबूत विनिर्माण क्षमताओं का लाभ उठाते हुए, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा की गई। यह भी पता लगाया गया कि कंपनी अपने कुशल कर्मचारियों और विश्व स्तरीय उत्पादन क्षमताओं का उपयोग करके घरेलू और वैश्विक बाजारों को कैसे सेवाएं प्रदान कर सकती है।"

इसके अलावा, उनकी स्टीफन ओएलरिख, जो बेयर के फार्मास्यूटिकल्स डिवीजन के अध्यक्ष हैं, के साथ सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान भारत में बेयर की विस्तार योजनाओं और देश के तेजी से विकसित हो रहे स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक निवेश, नवाचार और सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

इसके साथ ही, केंद्रीय मंत्री ने बर्लिन में नॉफ ग्रुप के ग्लोबल जनरल पार्टनर मुरात अकयिलदिज के साथ भी बैठक की, जिसमें भारत में कंपनी के बढ़ते विनिर्माण विस्तार, टिकाऊ निर्माण सामग्री और बुनियादी ढांचा विकास के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। यह सहयोग भारत में तेजी से हो रहे शहरीकरण और आर्थिक परिवर्तन के अनुरूप माना जा रहा है।

इससे पहले गोयल ने जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (डीजीएपी) के इंडिया सेंटर के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। इस कार्यक्रम में जर्मनी की संघीय आर्थिक मामलों और ऊर्जा मंत्री कैथरीना रीचे भी मौजूद थीं।

अपने संबोधन में गोयल ने कहा कि यह केंद्र भारत-जर्मनी संबंधों की बढ़ती मजबूती और दोनों देशों की सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा, "हमारी पूरक ताकतें महत्वाकांक्षी आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मजबूत आधार प्रदान करती हैं। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता इस साझेदारी को और अधिक गति देने का काम करेगा।"

मंत्री ने यह भी कहा कि भारत और जर्मनी मिलकर वैश्विक स्तर पर मजबूत और लचीली वैल्यू चेन विकसित कर सकते हैं। उन्होंने दोनों देशों के उद्योगों और निवेशकों से परस्पर विकास और समृद्धि के लिए नए सहयोगी अवसर तलाशने का आह्वान किया।

बर्लिन स्थित ईएसएमटी बर्लिन द्वारा आयोजित बिजनेस लीडर्स राउंडटेबल में भी गोयल ने कई प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और जर्मनी के बीच व्यापारिक और आर्थिक साझेदारी आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it