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भारतीय इक्विटी बाजार लंबे समय में करेंगे मजबूत प्रदर्शन

नई दिल्ली, भारतीय इक्विटी बाजार लंबे समय में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इसकी वजह घरेलू निवेश बढ़ना, जनसांख्यिकी का लाभ मिलना, आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा सुरक्षा में सुधार होना है।

भारतीय इक्विटी बाजार लंबे समय में करेंगे मजबूत प्रदर्शन
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नई दिल्ली, भारतीय इक्विटी बाजार लंबे समय में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इसकी वजह घरेलू निवेश बढ़ना, जनसांख्यिकी का लाभ मिलना, आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा सुरक्षा में सुधार होना है। यह जानकारी सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

पीएल वेल्थ ने अपनी रिपोर्ट में निवेशकों को सलाह दी कि वे शॉर्ट टर्म में अच्छी क्वालिटी वाले लार्ज-कैप और लार्ज व मिड-कैप शेयरों में धीरे-धीरे निवेश करें और 24-60 महीने की अवधि के लिए 'ओवरवेट' रेटिंग बनाए रखें।

फर्म ने लंबे समय के लिए भारत पर अपनी 'ओवरवेट' रेटिंग बनाए रखी है, जिसमें एसआईपी-आधारित निवेशकों के लिए मिड-कैप, स्मॉल-कैप और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सेक्टर मुख्य आधार हैं।

पीएल वेल्थ के मुताबिक, मध्यम अवधि (6 से 24 महीने) में निवेशकों का ध्यान घरेलू मांग बढ़ाने वाले कारकों पर होना चाहिए, जिसमें फाइनेंशियल एसेट की पहुंच, इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और मैन्युफैक्चरिंग का स्थानीयकरण शामिल हैं। इसकी वजह कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ा दबाव कम हो रहा है और महंगाई अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है।

फर्म ने निवेशकों को बड़े प्राइवेट बैंकों, इंडस्ट्रियल सेक्टर, हेल्थकेयर और चुनिंदा स्मॉल-कैप और फ्लेक्सी-कैप शेयरों में ध्यान केंद्रित करने को कहा।

रिपोर्ट में कहा गया, "भारत का मुख्य आर्थिक इंजन स्थिर गति से चल रहा है, भले ही कच्चे तेल की कीमतें, रुपए की कमजोरी और लगातार विदेशी बिकवाली से कुछ समय के लिए उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से कंपनी इक्विटी में निवेश के लिए 'क्वालिटी-फर्स्ट' और सोच-समझकर चुने गए शेयरों वाले नजरिए की सलाह दे रही है।"

पीएल वेल्थ के सीईओ इंदरबीर जॉली ने कहा, "भारत वित्त वर्ष 27 में तुलनात्मक रूप से मजबूत स्थिति के साथ प्रवेश कर रहा है, लेकिन इसे शांति या स्थिरता नहीं समझना चाहिए, बल्कि तेल की कीमतें, रुपए की चाल और नए नेतृत्व के तहत अमेरिकी फेडरल रिजर्व का अनिश्चित रुख जैसे कारक प्रमुख जोखिम बने हुए हैं।"

कंपनी ने महंगाई के जोखिम में तेज बढ़ोतरी की ओर इशारा किया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि आरबीआई ने वित्त वर्ष 27 के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) का अनुमान बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है, जिसमें तीसरी तिमाही में इसके 5.9 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।


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