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हवाई मार्ग से मालदीव के लिए आमों का निर्यात, भारत की स्थिति होगी मजबूत

नई दिल्ली, कर्नाटक के नीलम और तोतापुरी आमों का मालदीव के लिए पहली बार हवाई मार्ग से निर्यात किया गया है।

हवाई मार्ग से मालदीव के लिए आमों का निर्यात, भारत की स्थिति होगी मजबूत
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नई दिल्ली, कर्नाटक के नीलम और तोतापुरी आमों का मालदीव के लिए पहली बार हवाई मार्ग से निर्यात किया गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय आम बाजार में भारत की स्थिति मजबूत होगी और किसानों की आय बढ़ेगी। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई।

मंत्रालय ने बताया कि कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने 30 जुलाई को हुए इस निर्यात में मदद की। यह निर्यात अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कर्नाटक की देर से पकने वाली आम की किस्मों को बढ़ावा देने और भारत की आम निर्यात बास्केट को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा किकर्नाटक से मालदीव तक नीलम और तोतापुरी आमों की पहली एयर शिपमेंट को मुमकिन बनाने के लिए एपीडा को बधाई।

उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धि कर्नाटक के आम उत्पादकों के लिए नए मौके खोलती है और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), एक्सपोर्टर्स और एग्री-एंटरप्रेन्योर्स की भागीदारी को बढ़ावा देती है, जिससे इंटरनेशनल मार्केट में उनकी मौजूदगी और मजबूत होगी।

नीलम और तोतापुरी आमों की एक मीट्रिक टन वाली इस खेप को सीधे कर्नाटक के कोलार जिले के केजीएफ तालुक में स्थित 'प्रकृतिमाया फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' से जुड़े किसानों से हासिल किया गया था। इस खेप का निर्यात 'अहल्या देवी वेंचर्स' की डायरेक्टर अश्विनी ए ने किया, जो एक नई रजिस्टर्ड महिला उद्यमी और निर्यातक हैं। यह भारत के कृषि-निर्यात इकोसिस्टम में महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

इस खेप को एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव (आईएएस) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस खेप को संभव बनाने में निर्यातकों, किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी), किसानों और सभी संबंधित पक्षों की सामूहिक कोशिशों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि ऐसी पहल से भारतीय आमों के लिए बाजार तक पहुंच बेहतर होती है, देर से आने वाली किस्मों के लिए एक्सपोर्ट के नए मौके बनते हैं और किसानों की आमदनी में टिकाऊ बढ़ोतरी होती है।


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