बेंगलुरु बना सबसे महंगा : भारत के प्रमुख ऑफिस मार्केट्स में किराया 10% तक बढ़ा
नई दिल्ली, भारत के प्रमुख ऑफिस मार्केट्स में 2026 की दूसरी तिमाही में किराए में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिली है। इस दौरान स्पेस की मांग भी 10 मिलियन स्क्वायर फीट के आसपास रही है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।

नई दिल्ली, भारत के प्रमुख ऑफिस मार्केट्स में 2026 की दूसरी तिमाही में किराए में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिली है। इस दौरान स्पेस की मांग भी 10 मिलियन स्क्वायर फीट के आसपास रही है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर में संयुक्त रूप से लीजिंग गतिविधि 9.8 मिलियन स्क्वायर फीट के करीब रही है। हालांकि, इसमें 2025 में देखी गई बहुत अधिक लीजिंग की तुलना में कुछ कमी आई, लेकिन 70 लाख वर्ग फीट से ज्यादा नई जगह तैयार होने के बावजूद, खाली जगह का स्तर स्थिर रहने से लीजिंग का काम मजबूत बना रहा।
भारतीय शहरों में बेंगलुरु में किराए में सबसे अधिक बढ़ोतरी सालाना आधार पर 10.7 प्रतिशत की दर्ज की गई, इसके बाद दिल्ली-एनसीआर 7.6 प्रतिशत के साथ दूसरे और मुंबई 4 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान रहा।
बेंगलुरु में प्राइम ऑफिस का किराया 163 रुपए प्रति वर्ग फुट प्रति माह तक पहुंच गया। दूसरी तिमाही में 2025 में बेंगलुरु के ऑफिस मार्केट में प्राइम किराया सालाना आधार पर 7.9 प्रतिशत बढ़कर 148 रुपए प्रति वर्ग फुट प्रति माह हो गया।
भारत के प्रमुख ऑफिस मार्केट में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) ने ऑफिस स्पेस की मांग को बनाए रखा। इसके अलावा, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में लीजिंग वॉल्यूम में फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटर्स की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक रही, जिससे वे फाइनेंशियल सर्विसेज को पीछे छोड़कर सबसे बड़े ऑक्यूपायर ग्रुप्स में से एक बन गए।
बड़ी कंपनियों द्वारा फ्लेक्सिबल वर्कप्लेस रणनीतियों को तेजी से अपनाना पोर्टफोलियो प्लानिंग में एक बड़े बदलाव को दिखाता है, क्योंकि संगठन बदलते वर्कप्लेस की जरूरतों के बीच ज्यादा तेजी से काम करने की क्षमता चाहते हैं।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में, 2026 की दूसरी तिमाही के दौरान प्राइम ऑफिस के किराए में तिमाही आधार पर 0.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, और ट्रैक किए गए 24 शहरों में से 19 शहरों में किराए का स्तर स्थिर रहा या उसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पूरे क्षेत्र में सालाना किराया बढ़ने के मामले में बेंगलुरु, हांगकांग एसएआर और टोक्यो सबसे आगे रहे, जबकि टेक्नोलॉजी और एआई से जुड़ी कंपनियों की ओर से प्रीमियम ऑफिस स्पेस की मांग बनी रही।
नाइट फ्रैंक इंडिया के इंटरनेशनल पार्टनर, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल ने कहा, "भारत का ऑफिस मार्केट लगातार मजबूती और लचीलापन दिखा रहा है। पिछले साल लीजिंग का आधार ऊंचा होने के बावजूद मांग अच्छी बनी हुई है, जो एक ग्लोबल बिजनेस डेस्टिनेशन के तौर पर देश के लगातार बने हुए आकर्षण को दर्शाता है।"
बैजल ने कहा कि किराए में बढ़ोतरी के साथ-साथ खाली जगहों का स्थिर स्तर यह बताता है कि मार्केट नई सप्लाई को कुशलतापूर्वक अपना रहा है।
उन्होंने आगे कहा, "हालांकि कंपनियां एआई को अपनाने और बदलती मैक्रो-इकोनॉमिक स्थितियों के अनुसार खुद को ढाल रही हैं, लेकिन भारत का टैलेंट एडवांटेज, बिजनेस इकोसिस्टम और ग्लोबल कॉर्पोरेट कामकाज में रणनीतिक भूमिका ऑफिस की लंबी अवधि की मांग को बनाए हुए है।"


