Top
Begin typing your search above and press return to search.

भुगतान क्षेत्र में हुआ 5.8 अरब डॉलर का निवेश

नई दिल्ली, भारत के भुगतान क्षेत्र में 2021 से अब तक 371 घोषित इक्विटी फंडिंग राउंड के जरिए करीब 5.8 अरब डॉलर का निवेश आया है।

भुगतान क्षेत्र में हुआ 5.8 अरब डॉलर का निवेश
X

नई दिल्ली, भारत के भुगतान क्षेत्र में 2021 से अब तक 371 घोषित इक्विटी फंडिंग राउंड के जरिए करीब 5.8 अरब डॉलर का निवेश आया है। यह देश के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम पर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाता है। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैकसन की “द इंडिया पेमेंट्स लैंडस्केप: हाउ यूपीआई मेड इंडिया सेल्फ-रिलायंट इन पेमेंट्स” शीर्षक वाली रिपोर्ट में बताया गया है कि सार्वजनिक डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे ने एक मजबूत निजी क्षेत्र के इकोसिस्टम को विकसित करने में मदद की है। इसमें उपभोक्ता भुगतान ऐप, कारोबारी भुगतान प्लेटफॉर्म और फिनटेक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने वाली कंपनियां शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता-केंद्रित भुगतान प्लेटफॉर्म को निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा मिला। इन्हें कुल फंडिंग का करीब 53 प्रतिशत यानी लगभग 3.1 अरब डॉलर प्राप्त हुए।

कारोबारी भुगतान कंपनियों को करीब 38 प्रतिशत फंडिंग मिली, जबकि भुगतान इंफ्रास्ट्रक्चर और एपीआई आधारित सेवाओं से जुड़ी कंपनियों को शेष 9 प्रतिशत यानी लगभग 526 मिलियन डॉलर मिले।

रिपोर्ट में कहा गया, “भुगतान कंपनियों ने जनवरी 2021 से अब तक 371 घोषित इक्विटी राउंड में 5.8 अरब डॉलर जुटाए हैं। इस दौरान आठ आईपीओ और 25 अधिग्रहण हुए हैं। हालांकि, कुछ अच्छी तरह से फंडिंग प्राप्त कंपनियों के इर्द-गिर्द क्षेत्र में एकीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई है।”

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि तकनीकी निवेश में तेजी के दौर के बीच 2021 में फंडिंग गतिविधियां अपने चरम पर पहुंच गई थीं। इसके बाद 2022 से 2024 के बीच व्यापक फंडिंग मंदी के कारण निवेश की रफ्तार धीमी हो गई।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस क्षेत्र में परिपक्वता बढ़ रही है और कंपनियां अब निकासी के अवसर पैदा करने और पूंजी को दोबारा निवेश करने लगी हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से भारत के भुगतान उद्योग में आठ प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) और 25 अधिग्रहण हुए हैं।

रिपोर्ट में यूपीआई के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय विस्तार का भी जिक्र किया गया है। सीमा-पार यूपीआई लेनदेन वित्त वर्ष 2024 में करीब 37,000 से 20 गुना से अधिक बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 7.5 लाख से अधिक हो गए। वहीं, अब यह भुगतान नेटवर्क एक दर्जन से अधिक देशों में संचालित हो रहा है।

एनपीसीआई इंटरनेशनल ने मौजूदा भुगतान प्रणालियों को जोड़ने, साझेदार देशों के लिए भुगतान नेटवर्क तैयार करने और तकनीकी मानकों को साझा करने समेत कई मॉडलों के जरिए यूपीआई का वैश्विक विस्तार किया है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it