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‎उत्तराखंड मंत्री विवादित बयान : आदिल हसन की चेतावनी, "अगर ऐसी मानसिकता वाले लोग बिहार आएंगे, तो जनता जूते की माला पहनाकर करेगी विरोध

उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा महिलाओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब तूल पकड़ लिया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए भाजपा के नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं

‎उत्तराखंड मंत्री विवादित बयान : आदिल हसन की चेतावनी, अगर ऐसी मानसिकता वाले लोग बिहार आएंगे, तो जनता जूते की माला पहनाकर करेगी विरोध
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‎उत्तराखंड की मंत्री के पति के बयान पर एआईएमआईएम ने खोला मोर्चा, भाजपा के नेताओं की चुप्पी पर उठाए सवाल

पटना। उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा महिलाओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब तूल पकड़ लिया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए भाजपा के नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। ‎

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की मंत्री रेखा आर्य के पति द्वारा बिहार की महिलाओं को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान की कड़ी निंदा की है कि बिहार में 20–25 हजार रुपये में लड़कियां उपलब्ध हो जाती हैं। उन्होंने इस बयान को महिलाओं और बिहार की अस्मिता का अपमान बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ‎ ‎

आदिल हसन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस तरह की मानसिकता रखने वाले लोग बिहार आएंगे, तो जनता उन्हें जूते की माला पहनाकर विरोध दर्ज कराएगी। ‎इसके साथ ही उन्होंने बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी पर भी निशाना साधते हुए बिहार में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर भाजपा की चुप्पी को कठघरे में खड़ा किया।

हाल ही में मधुबनी में हुई लिंचिंग की घटना का उल्लेख करते हुए आदिल हसन ने राष्ट्रीय जनता दल अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अली अशरफ फातमी से भी इस मुद्दे पर स्पष्ट और मुखर रुख अपनाने की मांग की। ‎ ‎

बता दें कि इस बयान को लेकर बिहार में विपक्षी दल के नेता भाजपा पर आक्रामक हैं। बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। बिहार राज्य महिला आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस टिप्पणी को बेहद संवेदनशील और महिला विरोधी बताते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

आयोग ने कहा कि बिहार की लड़कियों को एक निश्चित राशि में उपलब्ध बताने वाली टिप्पणी राज्य की महिलाओं की गरिमा, आत्मसम्मान और प्रतिष्ठा पर सीधा हमला है। इस मामले को लेकर राजद महिला प्रकोष्ठ ने शनिवार को पटना में मार्च निकाला था। ‎ ‎


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